नेशनल कॉन्फ्रेंस चीफ फारूक अब्दुल्ला ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर जमकर साधा निशाना है। उनन्होंने कहा- 'मैं सरकार को बताना चाहता हूं कि आप कश्मीर में तब तक शांति नहीं ला पाएंगे जब तक आप धारा 370 को बहाल नहीं करते।' यहां सिर्फ हिंदू ही नहीं, मुसलमानों को भी आतंकियों ने मार डाला है।
नई दिल्ली। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ( Amit Shah in Jammu Kashmir ) के जम्मू-कश्मीर दौरे के बीच नेशनल कांफ्रेस के प्रमुख और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ( Farroq Abdullah ) का बड़ा बयान सामने आया है। एक मीडिया चैनल से बातचीत में फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि केंद्र ने उनसे लगातार संपर्क में है। अमित शाह अपने तीन दिवसीय दौरे के बीच भी उनसे मिलना चाहते थे, लेकिन उन्होंने मना कर दिया।
दरअसल हाल में फारूक अब्दुल ने घाटी में अशांति को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा था। ने आरोप लगाया कि बीजेपी साल 2022 में होने जा रहे उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव जीतने के लिए एक बार फिर नफरत फैलान का काम कर रही है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस चीफ फारूक अब्दुल्ला ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर जमकर साधा निशाना है। उनन्होंने कहा- 'मैं सरकार को बताना चाहता हूं कि आप कश्मीर में तब तक शांति नहीं ला पाएंगे जब तक आप धारा 370 को बहाल नहीं करते।'
यहां सिर्फ हिंदू ही नहीं, मुसलमानों को भी आतंकियों ने मार डाला है। अब्दुल्ला ने कहा कि घाटी में हाल की घटनाएं उन लोगों के लिए आंखें खोलने वाली हैं जो कहते थे कि अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद आतंकवाद खत्म हो जाएगा।
अब्दुल्ला ने कहा कि, माहौल कश्मीरी पंडितों की वापसी के लिए अनुकूल नहीं है। बीजेपी देश को धर्म के आधार पर बांट रही है।
बीजेपी उत्तर प्रदेश की स्थिति को भी सांप्रदायिक बना रही है। बातचीत में फारूक अब्दुल्ला ने 900 पत्थरबाजों को हिरासत में लेने का विरोध भी किया।
अबदुल्ला ने दावा किया कि 'अमित शाह ने मुझसे संपर्क किया। वो मुझसे मिलना चाहते थे, मैंने मना कर दिया। तब मेरी राजौरी और पुंछ जाने की पहले से योजना थी।'
बता दें कि दो दिन पहले ही अब्दुल्ला ने आरोप लगाया कि बीजेपी साल 2022 में होने जा रहे उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव जीतने के लिए एक बार फिर नफरत फैलान का काम कर रही है।
अब्दुल्ला ने लोगों से जम्मू-कश्मीर के साथ-साथ देश को बचाने के लिए नफरत से लड़ने को कहा। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नफरत बढ़ती रही तो भारत को बिखरने से नहीं रोका जा सकता।
यहां अब्दुल्ला ने पार्टी के कार्यकर्ताओं से कहा था कि 'हमें सांप्रदायिकता से लड़ना है और हिंदुओं और मुसलमानों के बीच बनाई जा रही नफरत की दीवार को गिराना है। इस नफरत को खत्म करना ही होगा। इसके बिना, न तो भारत बचेगा है और न ही जम्मू-कश्मीर बचेगा।'