
छतरपुर। करीब तीन वर्षों से पूरी दुनिया में जारी कोरोना के कहर को रोकने के लिए भले ही सरकार अपनी ओर से भरस्क प्रयास कर रही हो, लेकिन देश में एक ऐसा जिला भी है जहां के कुल 1 लाख 18 हजार लोगों ने अब तक कोविड वैक्सीनेशन का पहला टीका तक नहीं लगवाया है। यह जिला है मध्यप्रदेश का छतरपुर 12.63 लाख व्यस्कों को टीका लगना है, जिसमें से 12.13 हजार ने ही पहला टीका लगवाया है।
ऐसे समझें पूरा आंकड़ा
इस जिले के 50 हजार व्यस्कों ने आज तक पहला टीका भी नहीं लगवाया है। इसी तरह 48 हजार बच्चों व 20 हजार किशोर भी अभी टीकाकृत नहीं हुए हैं। जबकि 12 से 14 आयु वर्ग के 85 हजार 29 बच्चों में से केवल 37 हजार 24 बच्चों ने ही टीका लगवाया है। वहीं दो टीके लगवा चुके 60 साल से अधिक के लोग अपना बूस्टर डोज भी लगवाने नहीं पहुंच रहे हैं।
बच्चों व किशोरों का टीका पिछड़ रहा
जिले में 12 से 14 आयु वर्ग के 85 हजार 29 बच्चों को कोर्बोवेक्स वैक्सीन लगाई जाना है। लेकिन अभी तक 37 हजार 24 बच्चों ने ही टीका लगवाया है। वहीं, 14 से 17 साल के 1.20 लाख किशोरों को वैक्सीन लगनी है। जिसमें से 99 हजार ने अपना पहला टीका लगवाया है। यानि 20 हजार किशोरों ने अब तक पहला टीका भी नहीं लगवाया है।
बूस्टर डोज उपलब्ध नहीं
वहीं वे लोग जिन्हें दूसरा टीका लगवाने के बाद 273 दिन हो चुके हैं वे बूस्टर डोज लगवा सकते है। 18 से 59 आयुवर्ग के लोगों को बूस्टर डोज 386 रुपए खर्चकर लगवाना होगा। यह टीका सरकारी अस्पतालों की जगह निजी अस्पतालों में लगाया जाना है। जिला मुख्यालय के दो निजी हॉस्पिटल में इस टीके को लगाने के लिए निर्देशित किया गया है, लेकिन ये दोनों निजी अस्पताल अपने यहां प्रीकॉशन डोज मंगा ही नहीं रहे हैं।
निजी अस्पतालों को बूस्टर डोज लगाने की जिम्मेदारी दी गई है। इसकी कीमत 386 रूपए प्रति डोज है। अस्पतालों ने यदि डोज नहीं मंगाए हैं तो उन्हें निर्देशित करेंगे। 60 साल से अधिक के लोग जिला अस्पताल में निशुल्क बूस्टर डोज लगवा सकते हैं।
- डॉ. मुकेश प्रजापति, टीकाकरण अधिकारी, छतरपुर