पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने तो संघ के साथी संगठन के बुलावे पर विवेकानंद रॉक मेमोरियल का उद्घाटन भी किया था।
नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यक्रम में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के शिरकत करने को लेकर देश में सियासी बवाल मचा हुआ है। उनकी बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी समेत कई कांग्रेसी नेता इस कदम से खुश नहीं हैं, वहीं भारतीय जनता पार्टी ने इसे संघ की स्वीकार्यता से जोड़ दिया है। यह बवाल इसलिए भी है कि संघ को प्रतिबंध करने की मांग रखने और सांप्रदायिक संगठन करार देने वाले प्रणब मुखर्जी के संघ के दीक्षांत समारोह में जाने को वैचारिक परिवर्तन से भी जोड़ा जा रहा है। हालांकि मुखर्जी से पहले भी कई दिग्गज गैर संघियों ने ऐसे कार्यक्रमों में शिरकत की है।
...इन दिग्गज गैर संघियों ने की है शिरकत
प्रणब मुखर्जी से पहले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, लोकनायक जयप्रकाश नारायण, नेहरू के करीबी रहे पूर्व सेना प्रमुख जनरल करियप्पा और कांग्रेस की सबसे बड़ी नेता रहीं खुद इंदिरा गांधी भी संघ के कार्यक्रम में शिरकत कर चुकी हैं। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने तो संघ के साथी संगठन के बुलावे पर विवेकानंद रॉक मेमोरियल का उद्घाटन भी किया था।
राष्ट्रपति पद की शपथ लेते समय कही थी ये बात
बतौर कांग्रेस नेता प्रणब मुखर्जी ने जो भी वैचारिक मतभेद रखे हों। लेकिन 2012 में राष्ट्रपति पद की शपथ लेते समय उन्होंने वैचारिक विविधता और दूसरे विचारों के प्रति सहिष्णुता दोनों की जरूरत पर जोर दिया था। एक बड़े वर्ग का मानना है कि राष्ट्रपति बनने के बाद वे कांग्रेस के नहीं रहे इसलिए उनके संघ के कार्यक्रम में शरीक होने का कोई अर्थ नहीं निकालना चाहिए। लेकिन कांग्रेस के साथ लंबा राजनीतिक जीवन बिता चुके प्रणब मुखर्जी के अचानक संघ के कार्यक्रम में जाने से मौजूदा हालात में बवाल होना तय है।