पूर्व उपराष्ट्रपति ने पूछा है कि अगर देश में विक्टोरिया मेमोरियल हो सकता है तो फिर जिन्ना की तस्वीर क्यों नहीं लगाई जा सकती।
नई दिल्ली। देश के पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी अपने बयान को लेकर एक बार फिर चर्चा में हैं। दरअसल, पूर्व उपराष्ट्रपति ने पूछा है कि अगर देश में विक्टोरिया मेमोरियल हो सकता है तो फिर जिन्ना की तस्वीर क्यों नहीं लगाई जा सकती? एक अंग्रेजी समाचार पत्र को दिए इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा कि कि अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में अगर मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर लगाई जाती है तो इसमे गलत क्या है।
पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने यह भी कि देश में इस समय अल्पसंख्यकों के लिए असहजता का माहौल है, जिसको दूर किया जाना चाहिए। वहीं, तीन तलाक को अंसारी ने गैर-इस्लामिक करार दिया है और इसको एक सामाजिक कुरीति बताया है। हालांकि उन्होंने कहा कि तीन तलाक वाले मामले में अगर पति को जेल हो जाती है तो उसकी पूर्व पत्नी के लिए कमाई का कोई साधन शेष नहीं रह जाएगा।
मंदिर में प्रवेश करने से नहीं रोका जा सकता
उत्तराखंड हाईकोर्ट के फैसले को एतिहासिक बताते हुए अंसारी ने कहा कि जाति-व्यवस्था जैसी बुराइयों को मंदिर से दूर ही रखना चाहिए और किसी की जाति के आधार पर उसको पूजा-अर्चना से वंचित नहीं किया जा सकता। आपको बता दें कि उत्तराखंड हाईकोर्ट ने गुरुवार को अपने फैसले में कहा कि था कि दूसरी जाति के लोगों को मंदिर में प्रवेश करने से नहीं रोका जा सकता। बता दें कि इससे पहले पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने शशि थरूर के बयान का समर्थन किया। पूर्व उप राष्ट्रपति ने ट्वीट उनके बयान पर सहमति जताई है। उन्होंने कहा कि हालांकि अभी तक उन्होंने थरूर का बयान तो नहीं पढ़ा लेकिन उन्होंने जो कहा है, वह ठीक ही है।