-राजबाड़ा की सरकारी होलिका का दहन गोधूलि बेला मुहूर्त में शाम 7 बजे-शहर के प्रमुख मंदिरों में आज भद्रा रहित प्रदोष काल में होलिका दहन
इंदौर। होलिका दहन को लेकर इस बार अलग-अलग मत होने से कई स्थानों पर होलिका दहन सोमवार शाम को किया जाएगा। इस बार फाल्गुन माह में दो बार पूर्णिमा तिथि होने से दो दिन तक होलिका का दहन होगा। राजबाड़ा की सरकारी होली, खजराना गणेश मंदिर व रणजीत हनुमान परिसर की होलिका का दहन पंचांग के अनुसार सोमवार शाम को होगा। शहर में कॉलोनियों-मोहल्लों में मंगलवार को होलिका दहन किया जाएगा। हालांकि, बुधवार को सरकारी अवकाश होने से धुलेंडी इसी दिन मनाई जाएगी। पंडित, ज्योतिषाचार्य सोमवार को होलिका दहन के लिए सर्वसम्मत हैं। राजबाड़ा की सरकारी होलिका का दहन सोमवार को गोधूलि बेला के मुहूर्त में शाम 7 बजे होगा। होलिका दहन का सही मुहूर्त सोमवार को है।
भद्रा रहित प्रदोष काल में होलिका दहन
मप्र ज्योतिष व विद्वत परिषद् अध्यक्ष आचार्य पं. रामचंद्र शर्मा वैदिक ने बताया कि होलिका दहन सोमवार को भद्रा युक्त प्रदोष व्यापिनी पूर्णिमा तिथि में होगा। अर्धरात्रि के बाद भद्रा समाप्ति के बाद सुबह 5.15 बजे के बाद भी किया जा सकता है । ऐसे में देश में सोमवार व मंगलवार शाम को दहन होगा। जहां सूर्यास्त शाम 6.10 बजे के पूर्व होगा, वहां कुछ पूर्वी प्रदेशों में मंगलवार को होलिका दहन होगा। इंदौर में सोमवार को प्रदोष काल में ही होलिका दहन होगा।
पूर्णिमा का भद्रा रहित प्रदोष काल आज
आचार्य शर्मा वैदिक ने बताया कि सोमवार को पूर्णिमा तिथि का आरंभ अपरान्ह 4.17 बजे होगा, जो मंगलवार को शाम 6.09 बजे तक रहेगी। भद्रा सोमवार को ही शाम 4.17 बजे से प्रारंभ होकर मंगलवार को सुबह 5.14 बजे तक रहेगी। प्रदोष काल की उपलब्धि सोमवार को ही रहेगी। मंगलवार को पूर्णिमा तिथि प्रदोषकाल को स्पर्श नहीं कर रही है। ऐसी दशा में शास्त्र आज्ञा के अनुसार फाल्गुन शुक्ल पूर्णिमा को भद्रा रहित प्रदोष काल में होलिका दहन किया जाता है। पूर्णिमा तिथि दो दिन प्रदोष व्यापिनी हो तो दूसरे दिन होलिका दहन किया जाता है।
मोहल्लों की समितियां कल करेंगी दहन
शहर में कई वर्षों से गलियों, मोहल्लों और कॉलोनियों में हजारों छोटी-बड़ी सार्वजनिक होलिका का दहन होता है। युवा वर्ग में इस पर्व के बाद अगले दिन धुलेंडी मनाई जाती है। इसके चलते अधिकांश सार्वजनिक स्थानों पर मंगलवार को भी होलिका का दहन होगा।
देर रात से अलसुबहके बीच दहन
ज्योतिषियों के मुताबिक, ज्यादातर स्थानों पर होलिका दहन देर रात से अलसुबह के बीच किया जाता है। प्रदोषकाल में बहुत कम स्थानों पर होलिका दहन होता है। ऐसे में मंगलवार को सुबह 5.15 बजे भद्रा की समाप्ति के बाद भी होलिका दहन किया जा सकता है।
इन मंदिरों में भी आज होलिका दहन
खजराना गणेश मंदिर के पुजारी पं. अशोक भट्ट ने बताया कि सोमवार को पूर्णिमा है। इस दौरान प्रदोष काल में 8.02 बजे होलिका का दहन होगा। धुलेंडी मंगलवार को मनाई जाएगी। रणजीत हनुमान मंदिर के पुजारी पं. दीपेश व्यास ने बताया कि सोमवार को मंदिर परिसर की होलिका का दहन होगा।