जम्मू कश्मीर में निकाय और पंचायत चुनावों के तारीखों के ऐलान के बाद अब कांग्रेस के तेवर कुछ बदले बदले दिख रहे हैं।
नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 35ए और 370 पर विवाद के और पीडीपी और एनसी के चुनाव बहिष्कार के ऐलान के बाद कांग्रेस ने भी कहा था कि राज्य में चुनाव के अनुकूल परिस्थितियां नहीं हैं, लेकिन निकाय और पंचायत चुनावों के तारीखों के ऐलान के बाद अब कांग्रेस के तेवर कुछ बदले बदले दिख रहे हैं। बुधवार को कांग्रेस ने कहा कि वह आगामी निकाय और पंचायत चुनावों में हिस्सा लेगी।
सांप्रदायिक ताकतों को हटाएंगे : कांग्रेस
जम्मू एवं कश्मीर इकाई के अध्यक्ष जी.ए. मीर ने यहां मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि सांप्रदायिक ताकतों को हटाने के लिए उनकी पार्टी ने चुनावों में भाग लेने का निर्णय लिया है। श्रीनगर और जम्मू नगर निगमों सहित 77 नगर पंचायतों में चुनाव अक्टूबर में तथा राज्य में पंचायत चुनाव नवंबर-दिसंबर में होंगे।
पीडीपी ने किया चुनावों का बहिष्कार
पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा था कि हमारे सिर पर अनुच्छेद 35ए की तलवार लटके रहने के कारण राज्य के लोगों में असुरक्षा की भावना है। पार्टी ने चुनावों से दूर रहने का फैसला सर्वसम्मति से किया है। पार्टी ने इसके साथ ही सरकार को असुरक्षा के इस माहौल में चुनाव कराने के निर्णय की समीक्षा करने को कहा था मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने भी चुनावों में शामिल नहीं होने का फैसला किया है।
एनसी ने आम चुनाव के बहिष्कार की भी दी धमकी
वहीं दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस(एनसी) चीफ फारूक अब्दुल्ला निकाय और पंचायत चुनावों का बहिष्कार कर चुके हैं। पिछले दिनों उन्होंने कहा था कि अगर केंद्र राज्य की विशेष दर्जे (अनुच्छेद 35ए और अनुच्छेद 370) पर अपना रुख साफ नहीं करता है, तो उनकी नेशनल कांफ्रेंस(एनसी) पार्टी 2019 के लोकसभा चुनाव और राज्य विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करेगी। अब्दुल्ला ने कहा कि अगर केंद्र ने अनुच्छेद 35ए और अनुच्छेद 370 पर अपना रुख साफ नहीं किया तो, हम केवल नगर निगम व पंचायत चुनावों का ही बहिष्कार नहीं करेंगे, बल्कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों का भी बहिष्कार करेंगे।
9 चरणों में होंगे जम्मू कश्मीर में पंचायत चुनाव
बता दें कि 16 सितंबर को निर्वाचन आयोग ने घोषणा की कि जम्मू एवं कश्मीर में पंचायत चुनाव 9 चरणों में आयोजित होंगे। इसकी शुरुआत 17 नवंबर से होगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी शलीन काबरा ने यह घोषणा की। इससे एक दिन पहले निर्वाचन आयोग ने कहा था कि राज्य में शहरी स्थानीय निकायों के चुनाव 8 अक्टूबर से शुरू होंगे और यह चार चरणों में होंगे। निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि पंचायत चुनावों के लिए मतदान 17, 20, 24, 27, 29 नवंबर व 1, 4, 8 व 11 दिसंबर को होंगे। उन्होंने कहा कि यह चुनाव पार्टी के आधार पर नहीं कराए जा रहे और इसलिए प्रत्येक चरण के खत्म होने के बाद मतगणना की जाएगी।