
नई दिल्ली। 19 मई दिन रविवार यानी कल, लोकसभा चुनाव ( Loksabha Election ) की आखिरी लड़ाई लड़ी जाएगी। सातवें और आखिरी चरण में 8 राज्यों की 59 सीटों पर वोटिंग होगी। वहीं, 23 मई को चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे। लेकिन, भारतीय जनता पार्टी ( BJP ) के सहयोगी दल जनता दल यूनाइटेड ( JDU ) ने अब तक अपना घोषणापत्र ( Manifesto ) जारी नहीं किया है। हालांकि, पार्टी का कहना है कि चुनाव परिणाम से पहले JDU का घोषणा पत्र कभी आ सकता है। लेकिन, इस बाबत न तो तारीख बताई गई और न ही दिन।
सात निश्चय पर काम करती है JDU- अजय आलोक
मेनिफेस्टो को लेकर जब जेडीयू प्रवक्ता अजय आलोक से पत्रिका डॉट काम ने बात की तो उनका का साफ कहना था कि चुनाव आयोग का नियम है कि चुनाव परिणाम से पहले कभी भी मेनिफेस्टो जारी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमारे नेता चुनाव में व्यस्त थे और उनके पास समय नहीं था, इसलिए अब तक घोषणापत्र जारी नहीं हो सका। अजय आलोक ने आगे बताया कि हमारे मेनिफेस्टो में कुछ नया नहीं है, इसलिए कोई मुद्दा नहीं है। पार्टी का विजन बिहार की जनता को मालूम है और नीतीश कुमार का नाम ही काफी है। उन्होंने कहा कि हमारे मेनिफेस्टो में वही सारी चीजें हैं, जिनकी हम घोषणा पहले ही कर चुके हैं। वहीं, जब उनसे पूछा गया कि इस बार आपके मेनिफेस्टो में कुछ नया नहीं है। इस पर जेडीयू प्रवक्ता ने कहा कि कुछ नया नहीं है, वही पुराना मुद्दा। जेडीयू सात निश्चय पर काम करती है और करती रहेगी। उन्होंने कहा कि घोषणापत्र जारी कर हम केवल वादे पर वादे नहीं करते हैं। नीतीश कुमार विकास के लिए जाने जाते हैं और 14 सालों से वह केवल विकास कर रहे हैं।
धारा- 370 पर JDU का BJP से स्टैंड अलग
अजय आलोक से जब पूछा गया कि विपक्ष का आरोप है कि JDU पर BJP दबाव बना रही है और कुछ मुद्दों पर दोनों पार्टियों के बीच मतभेद है? इस पर अजय आलोक ने कहा कि हमलोग 17 सालों से बीजेपी के साथ हैं और हमारे बीच कोई विवादित मुद्दा नहीं है। अजय आलोक ने कहा कि राम मंदिर पर जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्टैंड है, वही स्टैंड जेडीयू का भी है। हम संवैधानिक तरीके इस मसले का हल चाहते हैं। अजय आलोक से जब पूछा गया कि धारा- 370 पर जेडीयू का क्या स्टैंड है? उन्होंने कहा कि इसमें कोई छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए। जेडीयू नेता ने कहा कि 1981 से बीजेपी जम्मू-कश्मीर से धारा-370 हटाने की बात कर रही है, लेकिन जब तक राज्यसभा में पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं होगा तब तक यह धारा नहीं हट सकती है।