
नई दिल्ली।लोकसभा चुनाव ( Loksabha Election ) की लड़ाई अब अपने आखिरी पड़ाव पर है। 19 मई को सातवें चरण के लिए वोट डाले जाएंगे, जिसके लिए प्रचार-प्रसार जारी है। लेकिन, बिहार ( Bihar ) में बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। खबर आ रही है कि चुनाव के बाद भारतीय जनता पार्टी ( BJP ) के सहयोगी दल जनता दल यूनाइटेड ( JDU ) अपने छह नेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी। क्योंकि, इन नेताओं ने चुनाव के दौरान NDA का विरोध किया है।
जेडीयू के कई दिग्गज नेताओं ने NDA का किया विरोध
जानकारी के मुताबिक, पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह, मुन्ना शुक्ला, अनु शुक्ला और जदयू के प्रदेश महासचिव देव कुमार चौरसिया समेत करीब छह नेताओं पर आरोप है कि चुनाव के दौरान इन्होंने एनडीए उम्मीदवारों के विरोध में प्रचार किया है। नरेन्द्र सिंह और उनके बेटे अजय सिंह (पू्र्व विधायक) पर आरोप है कि जमुई में उन्होंने लोक जनशक्ति पार्टी ( LJP ) के उम्मीदवार चिराग पासवान के खिलाफ खुलकर प्रचार-प्रसार किया है। इस चुनाव में नरेन्द्र सिंह ने महागठबंधन के उम्मीदवार भूदेव चौधरी का समर्थन किया। नरेंद्र सिंह की नाराजगी इस बात को लेकर है कि लोजपा सुप्रीमो रामविलास पासवान ने विधानसभा के पिछले चुनाव में उनके पुत्र की उम्मीदवारी का विरोध किया था। वहीं, हाजीपुर में मतदान के दिन जदयू के पूर्व विधायक मुन्ना शुक्ला ने नोटा का बटन दबाया। मुन्ना शुक्ला ने इस बात को स्वीकार भी किया है। इसके अलावा देव कुमार चौरसिया ने प्रदेश नेतृत्व को जानकारी देकर हाजीपुर से लोजपा उम्मीदवार पशुपति कुमार पारस का विरोध किया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन नेताओं के विरोध से चुनाव परिणाम पर असर भी पड़ सकता है।
अब देखना यह है कि जेडीयू नेतृत्व इस विरोध पर किस तरह की कार्रवाई करता है। लेकिन, माना जा रहा है कि चुनाव परिणाम के बाद जेडीयू अपने इन नेताओं की कड़ी से कड़ी सजा देगा।