
नई दिल्ली। भाजपा के लिए अति महत्वपूर्ण तीन तलाक बिल पर जेडीयू अध्यक्ष व बिहार के सीएम नीतीश कुमार उसके साथ नहीं है। एनडीए में भाजपा के सहयोगी जेडीयू ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर राज्यसभा में तीन तलाक के मुद्दे पर मतदान हुआ तो उनकी पार्टी इसके समर्थन में वोट नहीं करेगी। आपको बता दें कि इससे पहले भी बिहार में सत्तारूढ़ दल जेडीयू ने लॉ कमीशन को पत्र लिखकर अपनी बात बता दी थी।
बातचीत करके किसी समाधान तक पहुंचना चाहिए
जेडीयू के सीनियर लीडर और राज्यसभा सदस्य वशिष्ठ नारायण सिंह ने एक मीडिया हाउस से बातचीत के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी अभी ट्रिपल तलाक के पक्ष में नहीं है। जेडीयू सांसद ने यह भी कहा कि इसके पीछे बड़ा कारण इस बिल से एक बड़े समुदाय की परम्परा और लाखों महिलाओं के प्रभावित होना है। जेडीयू ने कहा कि बिल के बजाए उस समुदाय के लोगों से बातचीत करके किसी समाधान तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इसके पक्ष में नहीं है और अगर राज्यसभा में ट्रिपल तलाक पर मतदान होता है तो वह इसके समर्थन में वोट नहीं करेंगे।
धार्मिक भावनाओं और आस्था से जुड़ा मसला
वहीं, पार्टी प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा तीन तलाक के बिल पर पार्टी ने विधि आयोग को अपना पक्ष बता दिया है। उन्होंने कहा कि यह 50 प्रतिशत आबादी की धार्मिक भावनाओं और आस्था से जुड़ा मसला है और उसके साथ खिलवाड़ ठीक नहीं है। आपको बता दें कि बिहार में जेडीयू और भाजपा गठबंधन की सरकार है। 2019 लोकसभा चुनाव को लेकर भी दोनों ने एक साथ चुनावी रण में उतरने का ऐलान किया है।