बिहार में JDU में नागरिकता संशोधन विधेयक के समर्थन को लेकर विरोध पीके और पवन वर्मा के बाद बलियावी जेडीयू के फैसले को बताया निराशाजनक
नई दिल्ली। बिहार में सत्ताधारी जेडीयू ने लोकसभा में भले ही नागरिकता संशोधन विधेयक का समर्थन किया है, परंतु अब इसे लेकर पार्टी के अंदर ही विरोध के स्वर मुखर होने लगे हैं। पार्टी के उपाध्यक्ष और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर और पवन वर्मा के बाद अब पूर्व राज्यसभा सांसद और पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाम रसूल बलियावी ने भी नीतीश कुमार को चिठ्ठी लिखकर बिल के समर्थन के फैसले पर सवाल उठाया है।
गुलाम रसूल बलियावी नीतीश कुमार को लिखे पत्र में कहा कि नीतीश की छवि हमेशा ऐसे नेता की रही है, जिसने गलत को गलत और सही को सही कहा। फिर चाहे बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि विवाद की बात हो या फिर ट्रिपल तलाक और आर्टिकल 370 की। बलियावी ने लिखा कि नागरिकता संशोधन बिल का जेडीयू की हरी झंडी से मुसलमानों के बीच में काफी बेचैनी और परेशानी बढ़ गई है। उन्होंने नीतीश कुमार से बिल को समर्थक के फैसले पर पुनर्विचार की अपील की है।
आपको बता दें कि इससे पहले जदयू प्रवक्ता पवन कुमार वर्मा ने मंगलवार को ट्वीट कर लिखा कि वह इस बात को नीतीश कुमार से अपील करते हैं कि राज्यसभा में नागरिकता संशोधन बिल पर समर्थन पर पुनर्विचार करें। उन्होंने बिल को न केवल असंवैधानिक है बल्कि देश की एकता के खिलाफ बताया था। वहीं, प्रशांत किशोर ने ट्वीट के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने लिखा, "नागरिकता संशोधन विधेयक पर जद (यू) के समर्थन से निराशा हुई है।
यह विधेयक धर्म के आधार पर नागरिकता प्रदान करने वाला है, जो भेदभावपूर्ण है।"