
नई दिल्ली। हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) सेक्युलर के प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने एक बयान देकर महागठबंधन के सामने नई मुसीबत खड़ी कर दी है। उन्होंने आगामी लोकसभा चुनाव में बिहार की 40 लोकसभा सीटों में से 20 पर चुनाव लड़ने के संकेत दिए हैं। हम के प्रवक्ता दानिश रिजवान ने जारी बयान में बताया है कि उनकी पार्टी की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी के बाद पत्रकारों के सवालों के जवाब में मांझी जी ने ये बात कही है।
हम को विस्तार देने की तैयारी
हम प्रमुख के इस बयान से साफ है कि लोकसभा चुनाव के दौरान बिहार की अधिक से अधिक सीटों पर चुनाव लड़कर जीत राम मांझी पार्टी के जनाधार को बढ़ाना चाहते हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए उन्होंने लोकसभा चुनाव में राज्य की 40 लोकसभा सीटों में से 20 पर चुनाव लड़ने के लिए तैयारी की बात की है। हालांकि मांझी ने उसी समय यह भी स्पष्ट कर दिया था कि उनकी पार्टी की तैयारी का मतलब यह नहीं है कि वे इतनी सीटों की मांग करेंगे। दानिश ने आरोप लगाया कि दुर्भाग्यवश मांझी के बयान के केवल एक हिस्से को गलत रूप से सत्ता पक्ष की ओर से पेश किया जा रहा है।
जेडीयू ने कसा तंज
उनके इस बयान के बाद जेडीयू के प्रवक्ता संजय सिंह ने मांझी पर तंज कसा है। उन्होंने हम प्रमुख पर नीतीश कुमार के प्रति वफादार नहीं रहने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि वे अपना चरित्र आरजेडी-कांग्रेस महागठबंधन में दिखा रहे हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता और बिहार सरकार में मंत्री विनोद नारायण झा ने कटाक्ष करते हुए कहा कि एनडीए छोड़ने के बाद मांझी महागठबंधन में 20-20 मैच खेल रहे हैं। इस बीच बिहार विधान परिषद में कांग्रेस सदस्य प्रेम चंद मिश्रा और आरजेडी प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने मांझी के बयान की वजह से महागठबंधन के भीतर किसी भी तरह के मतभेद से इंकार किया। उन्होंने कहा कि हर दल के नेता अपनी पार्टी का उत्साह और मनोबल बढ़ाने के लिए कई तरह की बातें कहते हैं। एनडीए हमारी चिंता करने के बदले पहले अपने घर को ठीक करे।