20 सीटों में से 18 ऐसी सीटें वो हैं जो तमिलनाडु विधानसभा स्पीकर के जरिए विधायकों को अयोग्य ठहराये जाने से खाली हुई हैं। इस फैसले पर मद्रास हाई कोर्ट ने भी मुहर लगाते हुए 18 विधायकों को अयोग्य करार दिया था।
नई दिल्ली। पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव और आगामी लोकसभा चुनाव के माहौल के बीच दक्षिण भारत की राजनीति में उबाल देखने को मिल रहा है। तमिलनाडु में भी सियासी पार एक बार फिर गरमा की तैयारी में है। अभिनेता से नेता बने कमल हासन ने कहा है कि उनकी पार्टी एमएनएम 20 सीटों पर उपचुनाव के लिए कार्यक्रम घोषित हो जाने के बाद चुनाव लड़ने के बारे में अंतिम फैसला करेगी। यही वजह है कि इन दिनों कमल हासन की चुनाव में एंट्री यहां के राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है।
मौसम अपडेटः बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव, देश के कई इलाकों में आज ठंडी हवाओं के साथ होगी बारिश
आपको बता दें कि 20 सीटों में से 18 ऐसी सीटें वो हैं जो तमिलनाडु विधानसभा स्पीकर के जरिए विधायकों को अयोग्य ठहराये जाने से खाली हुई हैं। इस फैसले पर मद्रास हाई कोर्ट ने भी मुहर लगाते हुए 18 विधायकों को अयोग्य करार दिया था। ये सभी 18 विधायक शशिकला के भतीजे टीटीवी दिनाकरण खेमे के हैं। मद्रास हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद मुख्यमंत्री पलानीसामी की सराकर से अल्पमत में आने का खतरा टल गया था।
लोगों के साथ 'यात्रा' नामक अपने कार्यक्रम के तहत राज्यभर में घूम रहे मक्कल निधि मैयम के संस्थापक कमल हसन से जब पूछा गया कि क्या उनकी पार्टी उपचुनाव लड़ेगी तो उन्होंने कहा, "यदि ऐसा होता है तो हम सामना करेंगे, देखते हैं कि क्या होता है।" इन सीटों के अलावा तिरुवरूर सीट द्रमुक के शीर्ष नेता एम करुणानिधि और तिरुपरानकुंडरम सीट अन्नाद्रमुक के ए के बोस के निधन होने से खाली हुई।
ये 18 विधायक अयोग्य करार
तमिलनाडु विधानसभा से जिन 18 विधायकों की सदस्यता गई है उनमें थंगा तमिल सेलवन, आर मुरुगन, मारियुप कन्नेडी, के काथीरकमू, सी जयंती पद्मनाभन, पी पलनिअप्पन, वी. सेंथिल बालाजी, सी. मुथैया, पी. वेत्रिवेल, एनजी. पार्थीबन, एम. कोठांदपानी, टीए. एलुमलै, एम. रंगासामी, आर. थंगादुराई, आर. बालासुब्रमणी, एसजी. सुब्रमण्यम, आर. सुंदरराज और के. उमा महेश्वरी शामिल हैं।