शाह ने सिब्बल से पूछा- सीएए का एक भी ऐसा प्रावधान बता दें जो नागरिकता छीनता है शाह ने कहा- वह कांग्रेस के कई नेताओं को कोट कर सकते हैं जो यह डर फैला रहे थे सीएए किसी की नागरिकता लेने का नहीं बल्कि देने का कानून है
नई दिल्ली। पिछले दो दिनों के दौरान लोकसभा और राज्यसभा ( Loksabha and Rajyasabha ) में दिल्ली के दंगों पर जमकर बहस हुई। बहस के बीच सीएए और एनपीआर ( CAA and NPR ) का मुद्दा उठा। विपक्ष के सवालों का जवाब राज्यसभा में देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ( Home Minister Amit Shah ) ने विपक्षी नेताओं पर सीएए और एनपीआर पर अल्पसंख्यकों खासकर मुसलमानों को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह भ्रम फैलाया गया कि उनकी नागरिकता छिन जाएगी।
शाह ने कहा कि सीएए को लाने के बाद हेट स्पीच ( Hate Speech ) का दौर शुरू हो गया। उन्होंने कहा कि पूरे देशभर में अल्पसंख्यकों ( Minorities ) खासकर मुस्लिम भाइयों के मन में भ्रम फैला दिया गया कि आपकी नागरिकता छिन जाएगी। मैंने सदन के सदस्यों से बार-बार पूछा कि एक भी प्रावधान बता दो जिससे किसी की नागरिकता जाएगी। सीएए किसी की नागरिकता लेने का नहीं बल्कि देने का कानून है। इसका अभी तक किसी भी सदस्यों ने जवाब नहीं दिया है।
इसके साथ ही शाह ने सभी दलों से अपील की कि वे एक होकर कहें कि सीएए से किसी की नागरिकता नहीं जाएगी तो एक भी दंगे नहीं होंगे। इसके बाद शाह ने कहा कि कपिल सिब्बल ( Kapil Sibbal ) साहब सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) के बहुत बड़े वकील हैं। कम से कम वही सीएए में कोई एक ऐसा प्रावधान बता दें जिससे मुस्लिमों की नागरिकता जाती हो।
इसके बाद राज्यसभा में कपिल सिब्बल अपनी सीट से उठे और कहा कि कोई नहीं कह रहा कि सीएए किसी की नागरिकता छीनेगा। उनके इतना बोलते ही शाह ने इस बात को तपाक से लपक लिया और कहा कि वह कांग्रेस के कई नेताओं को कोट कर सकते हैं जिसमें उन्होंने कहा है कि सीएए मुसलमानों की नागरिकता छीन लेगा।
उनके सवालों का जवाब देते हुए कांग्रेस सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने एनपीआर ( NPR ) का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कानून यह ( CAA ) कहता है कि जब एनपीआर होगा तो उसमें 10 और सवाल पूछे जाएंगे। उस समय अगर डाउटफुल का मार्क लगा दिया गया तो मुश्किल होगी गरीबों को, केवल मुसलमानों को मुश्किल नहीं होगी, सभी गरीबों को होगी। इसके बाद शाह ने सदन को भरोसा दिलाया कि एनपीआर में किसी से कोई दस्तावेज नहीं मांगा जाएगा और जो जितनी सूचना देना चाहेगा, उतना ही दे, यह वैकल्पिक है। शाह ने यह भी कहा कि कोई डाउटफुल मार्क नहीं लगेगा। देश में किसी को भी एनपीआर से डरने की जरूरत नहीं है।
राज्यसभा में चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ( Ravishankar Prasad ) ने कहा कि देश के गृह मंत्री ने ब्।। और छच्त् के बारे में जो झूठा प्रचार हो रहा है उसका साफगोई के साथ जवाब दिया है। कांग्रेस के नेताओं ने बार-बार पूछने के बाद भी ब्।। का कोई ऐसा क्लॉज नहीं बताया जिससे देश के किसी भी नागरिक की नागरिकता छीनी जाती है।