राजनीति

माता सीता का आशीर्वाद तो नहीं बना कर्नाटक में ‘राम भक्तों’ की जीत का कारण?

ऐसा माना जा रहा है कर्नाटक में जीत कुछ और नहीं, बल्कि पीएम मोदी को मिले सीता माता के आशीर्वाद का फल है।
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Updated: 15 May 2018, 2:10 PM IST
Karnataka election result

नई दिल्ली। कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए मंगलवार को जारी मतगणना के रुझानों में भारतीय जनता पार्टी को जीत की ओर बढ़ते देखकर पार्टी कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल है। ऐसा माना जा रहा है कर्नाटक में जीत कुछ और नहीं, बल्कि पीएम मोदी को मिले सीता माता के आशीर्वाद का फल है। बता दें कि 12 मई को जिस दिन राज्य में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान हो रहा था, उस दिन प्रधानमंत्री मोदी अपनी नेपाल यात्रा पर थे और जनकपुर में सीता माता के मंदिर में दर्शन पा रहे थे।

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सत्ता की ओर बीजेपी

मतगणना के दौरान आ रहे रुझानों में बीजेपी 222 में 108 सीटों पर बढ़त बनाए हुए हैं, जबकि कांग्रेस 71 और जेडीएस 41 सीटों पर आगे चल रही है। ऐसे में कर्नाटक में बीजेपी की सरकार बनना तय माना जा रहा है। हालांकि अभी तक चुनाव के अंतिम परिणाम आने शेष हैं। वहीं, राज्य में बीजेपी को मिल रही सफलता को मां सीता के आशीर्वाद के रूप में देखा जा रहा है। यह वजह है कि कर्नाटक में मतदान के दिन 12 मई को मोदी मोदी सीता का वरदान पाने के लिए सीता के शरण में जनकपुर पहुंचे।

राम के सहारे सत्ता में आई थी बीजेपी

राम के सहारे भारतीय जनता पार्टी 2014 में सत्ता में आई और उसके बाद से इक्का-दुक्का उदाहरण छोड़ भारत के विभिन्न प्रांतों में भाजपा का विजयरथ लगातार गतिमान है। मोदी ने नेपाल के जनकपुर से अपने दौरे की शुरुआत की और इस दौरे को प्रधानमंत्री का दौरा के बजाय एक 'तीर्थयात्री की तीर्थयात्रा' करार दिया था। निसंस्सदेह प्रधानमंत्री के राजकीय दौरे से कहीं ज्यादा यह उनकी तीर्थयात्रा ही थी, जिसके कूटनीतिक महत्व से अधिक राजनीतिक फायदे देखे जा रहे थे। इसलिए जनकपुर के मंदिरों के दर्शन कर रहे मोदी की तस्वीरों से भाजपा को कर्नाटक चुनाव में वोट मिलने के कयास लगाए गए थे।

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