महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन के बीच मचा सियासी घमासान अब थमता आ रहा नजर शिवसेना, कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी महाराष्ट्र में सरकार बनाने की ओर तीनों दलों ने एक संयुक्त बैठक की। बैठक में न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर चर्चा की गई
नई दिल्ली।महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन के बीच मचा सियासी घमासान अब थमता नजर आ रहा है। शिवसेना , कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी सरकार बनाने की अेार हैं।
वहीं, तीनों दलों ने गुरुवार को एक संयुक्त बैठक की। बैठक में न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर चर्चा की गई।
इस बीच शिवसेना विधायक दल के नेता एकनाथ शिंदे ने बताया कि बैठक में न्यूनतम साझा कार्यक्रम तैयार किया गया है।
आपको बता दें कि तीनों राजनीतिक दलों के बीच बने कॉमन मिनिमम प्रोग्राम (सीएमपी) के अंतर्गत शिवसेना को पूर्णकालिक मुख्यमंत्री पद मिलेगा।
इसके साथ ही एनसीपी और कांग्रेस को 14 और 12 मंत्रीपद मिलेंगे। इसके साथ ही सीएम पद के साथ 14 मंत्री पद भी मिलेंगे।
वहीं, न्यूनतम साझा कार्यक्रम के अनुसार कांग्रेस और एनसीपी ने शिवसेना को मुसलमानों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में 5% आरक्षण देने को मना लिया है।
आपको बता दें कि यह योजना पूर्ववर्ती कांग्रेस और एनसीपी गठबंधन सरकार में शुरु की गई थी।
लेकिन बाद में आई अन्य दलों की सरकार में योजना को अमलीजामा न पहनाया जा सका। इसी बीच महाराष्ट्र पहुंचे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने महाराष्ट्र सियासी हलचल पर बड़ा बयान दिया है।
उन्होंने कहा कि क्रिकेट और राजनीति में कुछ भी मुमकिन है।