महाराष्ट्र में सत्ता में काबिज होने के लेकर राजनीतिक दलों में संघर्ष जारी सत्ता संषर्घ को लेकर भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना के बीच मुकाबला सियासी खींचतान के बीच एक किसान की पत्र ने सबको हैरान कर दिया है
नई दिल्ली। महाराष्ट्र में सत्ता में काबिज होने के लेकर राजनीतिक दलों में संघर्ष जारी है। अब जबकि विधानसभा चुनाव 2019 के परिणाम को आए 8 दिन हो गए हैं, बावजूद इसके सरकार गठन का रास्ता साफ नहीं हो पाया है।
सत्ता संषर्घ को लेकर सबसे बड़ा मुकाबला भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना के बीच देखने को मिल रहा है तो शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी पर्दे के पीछे से बड़ी भूमिका निभा रही है।
सीएम की कुर्सी को लेकर सियासी खींचतान के बीच एक किसान की पत्र ने सबको हैरान कर दिया है।
दरअसल, बीड जिले के एक किसान ने भाजपा और शिवसेना के बीच सियासी खींचतान खत्म होने तक मुख्यमंत्री बनने की इच्छा जताई है।
केज तालुका के वडमौली निवासी किसान श्रीकांत विष्णु गडाले इसके लिए राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को पत्र लिखा है। अपने पत्र में गडाने ने लिखा है कि राज्य में किसानों को बुरा हाल है।
उनकी समस्या बजाए खत्म होनेे के लगातार बढ़ती जा रही हैं। वहीं दूसरी तरफ भाजपा और शिवसेना मुख्यमंत्री पद का मसला सुलझा नहीं पा रहे हैं।
गडाले ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से किसानों को भारी क्षति पहुंची है। कुछ इलाकों में तो किसानों की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है।
इसका परिणाम यह है कि किसान लगातार कर्ज को बोझ में दबता जा रहा है। लेकिन इस ओर किसी का ध्यान नहीं हैं।
राजनीतिक दल सत्ता पर काबिज होने के लिए सियासी खेल में मशगूल हैं।
उन्होंने कहा कि जब तक भाजपा और शिवसेना के बीच सीएम पद का मसला सुलझ नहीं जाता, तब तक उनका राज्यपाल से अनुरोध है कि उनको मुख्यमंत्री बना दिया जाए।