
नई दिल्ली। नागरिकता (संशोधन) विधेयक पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपना रूख पूरी तरह से साफ कर दिया है। ममत ने साफ तौर पर कहा है कि वह मोदी सरकार के इस विधेयक का बिल्कुल भी समर्थन नहीं करेंगी। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनआरसी पर टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी से समर्थन की अपील की थी।
क्या बोली ममता
एनआरसी पर बोलते हुए ममता ने शनिवार को कहा, केंद्र सरकार हमसे चाहती है कि हम नागरिकता विधेयक का समर्थन करें। इस विधेयक को लाकर मोदी सरकार बंगालियों को यहां से निकालना चाहती हैं। यही नहीं सरकार नेपालियों और बिहारियों को भी देश से निकालना चाहती है। ममता ने कहा कि मोदी सरकार ने लगभग 22 लाख बंगालियों का नाम एनआरसी लिस्ट डाला है। मोदी सरकार दंगा करना चाहती है, लेकिन हम उन्हें उनके मंसूबों में कामयाब नहीं होने देंगे। ममता ने कहा, 'हम पूर्वोत्तर को जलने नहीं देंगे। उन्हें यह बिल वापस लेना ही पड़ेगा।'
जानिए क्या है नागरिकता (संशोधन) विधेयक?
आपको बता दें कि नागरिकता अधिनियम’ 1955 को बदलने के लिए नागरिकता (संशोधन) विधेयक, 2016 को लाया गया। केंद्र सरकार ने इस विधेयक के जरिए अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के हिंदुओं, सिखों, बौद्धों, जैन, पारसियों और ईसाइयों को बिना वैध दस्तावेज के भारतीय नागरिकता देने का प्रस्ताव रखा है। इसके लिए उनके निवास काल को 11 वर्ष से घटाकर छह वर्ष कर दिया गया है।