राजनीति

हॉस्पिटल से सरकारी काम देख रहे मनोहर पर्रिकर, दिल्ली के एम्स में चल रहा इलाज

लंबे समय से बीमार चल रही गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर इन दिनों हॉस्पिटल से ही सरकारी कामकाज निपटा रहे हैं।
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Updated: 30 Sep 2018, 9:16 AM IST
Manohar Parrikar
हॉस्पिटल से सरकारी काम देख रहे पर्रिकर, दिल्ली के एम्स में चल रहा इलाज

नई दिल्ली। लंबे समय से बीमार चल रही गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर इन दिनों हॉस्पिटल से ही सरकारी कामकाज निपटा रहे हैं। गोवा सरकार में लोक निर्माण मंत्री सुदीन धवलीकर के अनुसार मुख्यमंत्री हॉस्पिटल में ही सभी जरूरी सरकारी फाइलें देख रहे हैं। धवलीकर ने बताया कि कोई भी सरकारी काम लंबित नहीं है, जो फाइलें मुख्यमंत्री को भेजी जा रही है वो उसको 2-3 में निपटाकर वापस कर रहे हैं। इसके साथ ही प्रशासनिक मुद्दों पर चर्चा के लिए सभी कैबिनेट सदस्य प्रत्येक बुधवार को समीक्षा बैठक कर रहे हैं। आपको बता दें कि सीएम मनोहर पार्रिकर को 15 सितंबर को दिल्ली के एम्स में भर्ती कराया गया था। इससे पहले वह अमरीका से इलाज कराकर लौटे थे।

धवलीकर के अनुसार कैबिनेट बैठक की रिपोर्ट को मुख्यमंत्री पर्रिकर के समक्ष रखा जाता है। भले ही सीएम हॉस्पिटल में हो, लेकिन उनकी उनुपस्थिति में सभी मंत्री अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी निभा रहे हैं। जबकि सभी प्रशासनिक कार्यों की निगरानी मुख्य सचिव कर रहे हैं। आपको बता दें कि अस्वस्थ मनोहर पर्रिकर के गोवा के मुख्यमंत्री के रूप में बने रहने का बचाव करते हुए राज्य के लोक निर्माण विभाग मंत्री सुदीन धवलीकर ने कहा था कि जे. जयललिता डेढ़ साल तक अस्वस्थ रहने के बावजूद तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनी रही थीं। धवलीकर ने गोवा राजभवन में भाजपानीत गठबंधन कैबिनेट में दो मंत्रियों के आधिकारिक प्रवेश पर आयोजित समारोह से इतर कहा था "हमने एक मुख्यमंत्री चुना है और वह अच्छा काम कर रहे हैं। जहां तक बात स्वास्थ्य की है, तो जयललिता के डेढ़ साल तक बीमार रहने पर किसी ने कोई मुद्दा नहीं उठाया। मुझे समझ नहीं आ रहा कि मनोहर पर्रिकर के स्वास्थ्य का मुद्दा क्यों उठाया जा रहा है।"

धवलीकर ने विश्वास जताया कि पर्रिकर 'एक-एक कर' गोवा सरकार के सामने आने वाले सभी मुद्दों का समाधान करेंगे। धवलीकर ने कहा था वह एक एक कर चीजों को रखेंगे। यह पहला कदम है (दो मंत्रियों का मंत्रिमंडल में प्रवेश), इसके बाद वह प्रभार बांटेंगे और उसके बाद अन्य कार्य होंगे। धवलीकर ने यह भी कहा था कि मंत्रियों को बाहर करना या नए लोगों को कैबिनेट में लाना मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार है।

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