राजनीति

किसानों के मुद्दे पर बोले सत्यपाल मलिक, बहुत घमंड में थे पीएम, किसानों के आगे झुकना पड़ा

मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक का कहना है कि किसानों के मुद्दे पर पीएम मोदी घमंड में थे, लेकिन किसानों की एकजुटता के आगे उन्हें झुकना पड़ा। पीएम मोदी ने उनसे ये तक कहा था कि क्या किसान उनके लिए मर रहे हैं।

2 min read
Jan 03, 2022
meghalaya governor satyapal malik targets pm narendra modi on farm law
meghalaya governor satyapal malik targets pm narendra modi on farm law

नई दिल्ली। किसानों के मुद्दे पर हमेशा से मुखर रहने वाले मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने एक बार फिर पीएम मोदी पर हमला किया है। उन्होंने कहा कि जब मैं किसान आंदोलन कर रहे किसानों के विषय में बात करने के लिए पीएम मोदी से मिलने गया तो वो घमंड में थे। इस वजह से मेरा पीएम से झगड़ा भी हो गया था, लेकिन आखिर में किसानों की एकजुटता और जिद के आगे सरकार को झुकना पड़ा। दरअसल, हाल ही में मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने एक कार्यक्रम में यह बात कही है। जब पत्रकारों ने उनसे किसानों के मुद्दे पर सवाल पूछा तो उन्होंने बताया कि पीएम किसानों के मुद्दे पर बात करने को भी तैयार नहीं थे।

पीएम से हो गई थी लड़ाई
सत्यपाल मलिक ने बताया कि मैं जब किसानों के मुद्दे पर प्रधानमंत्री जी से मिलने गया तो उनसे मेरी 5 मिनट में लड़ाई हो गई। दरअसल उस समय पीएम बहुत घमंड में थे। सत्यपाल मलिक ने बताया कि जब मैंने पीएम को बताया कि इस आंदोलन में 500 लोग मर चुके हैं, तो पीएम मोदी ने कहा कि क्या वो लोग मेरे लिए मरे हैं?

मेघालय राज्यपाल ने बताया कि इस पर मैंने पीएम को बताया कि वो लोग आपके लिए ही तो मरे थे जो आप राजा बने हुए हो। इसके बाद भी पीएम ने मेरी बात नहीं सुनी और मुझे गृह मंत्री अमित शाह से मिलने को कह दिया।

सत्यपाल मलिक का कहना है कि किसानों के मुद्दे पर उन्होंने पीएम मोदी से पंगा लिया था। वहीं किसान की ईमानदारी के आगे पीएम मोदी को झुकना पड़ा, इसके आलावा पीएम के पास कोई विकल्प भी नहीं था। मेघालय गवर्नर ने कहा कि वे राज्यपाल, मंत्री, सांसद व विधायक रह चुके हैं, लेकिन सेवानिवृति के बाद उनके पास रहने के लिए अपना मकान नहीं है। उन्होंने हमेशा ईमानदारी से काम किया और यही उनकी ताकत है, जिसके चलते उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से पंगा लिया है।

उन्होंने कहा कि वो हमेशा किसानों के लिए अपनी आवाज उठाते रहेंगे। वे चौधरी चरण सिंह के दिखाए मार्ग पर चलते हुए वे किसी भी स्थिति में किसानों का साथ नहीं छोड़ेंगे। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि यदि दोबारा से आंदोलन हुआ तो वे राज्यपाल पद भी छोड़ देंगे। खास बात यह है कि इस दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार पर किसी प्रकार का समझौता न करने की बात कहने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तारीफ भी की।

Published on:
03 Jan 2022 09:31 am