राजनीति

जम्मू-कश्मीर: राज्यपाल शासन में पंचायत चुनाव चाहती है मोदी सरकार, जल्द होगा तारीखों का ऐलान

जम्मू-कश्मीर में 2011 में निकाय और पंचायत चुनाव हुए थे। इसी साल जनवरी में ये चुनाव होने थे।

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narendra modi

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में पीडीपी और बीजेपी का गठबंधन टूट जाने के बाद से राज्यपाल शासन लगा हुआ है। वैसे वहां की सियासत में आए दिन कोई ना कोई घटना जरूर घट रही है। इस बीच बड़ी खबर ये है कि जम्मू-कश्मीर में आठ साल बाद शहरी निकाय और पंचायत चुनाव हो सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में ऐसी खबरें चल रही हैं कि केंद्र सरकार राज्यपाल शासन में ही निकाय और पंचायत चुनाव करा सकती है और माना जा रहा है अमरनाथ यात्रा खत्म होने के बाद ही राज्य में चुनावों की तारीख का ऐलान कर दिया जाएगा।

आठ साल बाद जम्मू-कश्मीर में होंगे निकाय और पंचायत चुनाव!

आपको बता दें कि इससे पहले घाटी में निकाय और पंचायत चुनाव जनवरी के महीने में होने थे, लेकिन केंद्र सरकार ने ये हवाला दे दिया था कि राज्य में अभी चुनाव कराने की स्थिति नहीं है और चुनाव कराने से इनकार कर दिया था। जम्मू-कश्मीर में इससे पहले 2011 में निकाय और पंचायत चुनाव हुए थे। ये आठवां साल चल रहा है, लेकिन अभी तक राज्य में चुनाव की स्थिति नहीं बन पाई है।

अमरनाथ यात्रा खत्म होने के बाद हो सकता है तारीखों का ऐलान

घाटी में चुनाव कराए जाने के संकेत तो गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू-कश्मीर के अपने हालिया दौरे के दौरान दे दिए थे। उन्होंने घाटी में जमीनी संस्थाओं को मजबूत करने की बात कही थी। राजनाथ सिंह ने कहा था कि घाटी की स्थिति को बेहतर करने के लिए जमीनी संस्थानों को मजबूत करने की जरूरत है।

राज्यपाल शासन में चुनाव चाहती है मोदी सरकार

केंद्र सरकार की इस पूरी योजना के बारे में अवगत कराते हुए एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि ऐसा लगता है कि घाटी में नई सरकार के गठन से पहले इन चुनावों को कराया जाए। केंद्र सरकार चाहती है कि राज्यपाल शासन में ही घाटी में निकाय और पंचायत चुनाव कराए जाएं। आपको बता दें कि घाटी में बीते जून के महीने में पीडीपी-भाजपा गठबंधन टूटने के बाद राज्यपाल एनएन वोहरा का शासन लग गया था।

Published on:
12 Jul 2018 01:42 pm
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