PM Narendra Modi की Rajya Sabha में सुनाई गई शायरी पर विवाद मोदी ने कहा था- ताउम्र गालिब ये भूल करता रहा...' Javed Akhtar बोले- ये Mirza Ghalib का शेर नहीं
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राज्यसभा में बुधवार को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर जवाब दिया। करीब 70 मिनट के अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। इसके साथ ही उन्होंने बिहार में बच्चों की मौत, झारखंड में मॉब लिंचिंग और वन नेशन वन इलेक्शन पर अपना पक्ष रखा। इस दौरान पीएम मोदी ने एक शेर भी सुनाया। अब इस शायरी पर विवाद हो रहा है।
मोदी ने सुनाई संसद में शायरी
दरअसल पीएम मोदी ने Rajya Sabha मेें विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा, 'शायद इसीलिए गालिब ने कहा था कि ताउम्र गालिब ये भूल करता रहा, धूल चेहरे पर थी और मैं आइना साफ करता रहा।' मोदी की शेर पर एनडीए के सदस्यों ने जमकर डेस्क बजाया। लेकिन अब मशहूर लेखक और कवि Javed Akhtar ने दावा किया है कि मोदी ने जो शेर सुनाई थी वे गालिब की नहीं बल्कि सोशल मीडिया की उपज है।
जावेद अख्तर ने कसा तंज
जावेद अख्तर ने ट्विटर पर लिखा कि जो शेर राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुनाया है, वह गालिब का है ही नहीं। वह सोशल मीडिया में गलत तरीके से फैलाया गया है। शेर की दोनों ही लाइनें शायरी के मीटर में सही तरीके से नहीं उतरती हैं।
सोशल मीडिया पर हुआ बवाल
अब सोशल मीडिया पर पीएम मोदी की सुनाई गई शायरी और जावेद अख्तर के पलटवार पर मिली जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
आजाद को जवाब दे रहे थे मोदी
दरअसल मंगलवार को कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने मॉब लिंचिंग पर कहा था कि झारखंड मॉब लिंचिंग की फैक्ट्री बन गई है। इसी के जवाब में तंज कसते हुए मोदी ने कहा कि आजाद साहब को थोड़ा धुंधला दिखाई दे रहा है, शायद वह सब कुछ राजनीति के चश्मे से देख रहे हैं। इसके बाद पीएम मोदी शायरी सुनाई।