सियासी उठापटक के बीच मध्य प्रदेश में Political Crisis गहराया Scindia से ठीक से संवाद होता तो संकट में नहीं होती कांग्रेस सरकार महाराष्ट्र में BJP ने सरकार बनाने की कोशिश की, पर उसकी नहीं चली
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में जारी सियासी संकट ( Political Crisis ) के बीच शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ( Shiv Sena Sanjay Raut ) ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ( Jyotiraditya Scindia ) और उनके समर्थक विधायकों की बगावत के बाद से कमलनाथ सरकार पर संकट के बादल छाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस ने ठीक तरीके से ज्योतिरादित्य सिंधिया की बात सुनी होती तो आज कमलनाथ सरकार ( Kamalnath Government ) पर संकट नहीं होता। लेकिन ये काम बीजेपी मध्य प्रदेश ( Madhya Pradesh ) में ही कर सकती है।
संजय राउत ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि महाराष्ट्र ( Maharashtra ) में बीजेपी ऐसा नहीं कर पाई। ऐसा इसलिए कि महाराष्ट्र में ऐसा कुछ नहीं होने वाला है। न ही बीजेपी ऐसा चाहते हुए भी कर पाएगी। संजय राउत ने कहा कि बीजेपी ने एमपी की तरह महाराष्ट्र में भी सरकार बनाने की कोशिश की लेकिन असफल रही। यहां ऐसा कोई ऑपरेशन सफल नहीं होगा। हमारे जैसे सर्जन यहां ऑपरेशन थिएटर में बैठे हैं। अगर कोई ऐसा करने के लिए आता है तो वह खुद ही संचालित हो जाएगा।
दरअसल, मध्य प्रदेश में कांग्रेस के 22 विधायकों द्वारा इस्तीफा देने के बाद से वहां पर सियासी संकट गहरा गया है। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बहुमत का दावा किया है लेकिन राजनीतिक समीकरण कांग्रेस के पक्ष में नहीं है। ऐसा इसिलए कि मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार पर गहराए संकट के बीच कांग्रेस विधायकों की मुख्यमंत्री आवास पर मंगलवार शाम को बैठक हुई। इस बैठक में कांग्रेस के 114 में से सिर्फ 88 विधायक पहुंचे। जबकि 26 विधायक गैरहाजिर रहे। इनमें से 22 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है।
बता दें कि कांग्रेस के कुल 114 विधायक हैं। इनमें से 22 ने खुले तौर पर इस्तीफा दे चुके हैं। जबकि विधायक दल की बैठक में चार और विधायक शामिल नहीं हुए। इसके बावजूद बैठक के बाद कमलनाथ ने बहुमत का दावा किया है। वहीं कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव ने भी बैठक में कहा कि सरकार को कोई खतरा नहीं है।