राजनीति

चार साल बाद जगी मोदी सरकार, चुनावी मौसम में दिया अन्ना हजारे के खत का पहली बार जवाब

पिछले चार साल में अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री मोदी को करीब 45 बार खत लिखा लेकिन एक का भी जवाब नहीं आया था, लेकिन अब पीएमओ ने संदेश भेजा है।

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Jun 16, 2018
चार साल बाद जगी मोदी सरकार, चुनावी मौसम में दिया अन्ना के खत का पहली बार जवाब

नई दिल्ली। नरेंद्र मोदी के 2014 में सत्ता पर आसीन होने के बाद से ही समाजसेवी अन्ना हजारे लगातार उनको खत लिखते रहे हैं। पिछले चार साल में अन्ना ने प्रधानमंत्री मोदी को करीब 45 बार खत लिखा लेकिन एक का भी जवाब नहीं आया था। लेकिन अब प्रधानमंत्री कार्यालय ने अन्ना हजारे को पीएम मोदी की ओर से संदेश भेजा है। कयास इस बात के लगाए जा रहे हैं कि चुनावी साल नजदीक आता देख बीजेपी और पीएम मोदी अब अन्ना को नजरअंदाज नहीं करना चाह रही है, क्योंकि अन्ना की छवि देश में एक ईमानदार और कर्मठ समाजसेवी की है।

लोकपाल के लिए जारी है अन्ना का जंग

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कई बार खत लिखने के बाद भी पीएम की ओर से जवाब नहीं मिलने से अन्ना खासा नाराज चल रहे हैं। अन्ना अपने हर खत में लोकपाल कानून को सही तरीके से लागू करने की मांग करते रहे हैं। इसी को लेकरर अन्ना हजारे अपने पत्रों और कई बार सार्वजनिक मंच से यह कह चुके हैं कि नरेंद्र मोदी ने 2014 लोकसभा चुनाव के वक्त झूठे वादे किए थे।

पीएमओ से रालेगण जाएंगे अधिकारी

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से समाजसेवी अन्ना हजारे को भेजे गए संदेश में कहा गया है कि हजारे से मिलने जल्द ही पीएमओ से सचिव स्तर के अधिकारी जाएंगे। इसके लिए अन्ना को कहीं जाने की जरूरत नहीं बल्कि अधिकारी खुद रालेगण सिद्धि जाएंगे। खबर है कि इस संदेश के बाद हजारे ने कहा कि अगर चरित्र अच्छा है तो बड़ी से बड़ी ताकत भी आपका आदर करती है।

अन्ना ने खुद किया खुलासा

शुक्रवार को रालेगण सिद्धि के पारनेर तहसील में अन्ना हजारे के जन्मदिन पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। यहीं पर अपने संबोधन में अन्ना हजारे ने इस बात का खुलासा किया कि उनको पीएमओ से संदेश आया है। जिसमें अधिकारियों के रालेगण आने की बात कही गई है।

मार्च में अन्ना ने किया अनशन

मोदी की बेरूखी ने नाराज अन्ना ने इसी साल मार्च में दिल्ली के राम लीला मैदान में केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू किया था। वे सशक्त लोकपाल कानून और किसानों से संबंधित मांगों को लेकर करीब एक हफ्ते तक अनशन पर बैठे थे। इसके बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और कृषि राज्य मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने अन्ना से मिलकर अनशन खत्म करने की अपील की थी। उस वक्त हजारे ने इसी शर्त पर अपना अनशन तोड़ा था कि केंद्र सरकार जल्द ही उनकी मांगों पर विचार कर उसे पूरा करेगी।

एक और अनशन से पहले ही आया जवाब

अनशन के तीन महीने बाद तक केंद्र सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं मिलने पर अन्ना एकबार फिर अनशन की तैयारी में थे। उन्होंने मोदी सरकार को एक खत लिखकर कहा था कि अगर उनकी मांगों पर अब ध्यान नहीं दिया गया तो अक्टूबर से वो फिर अनशन करेंगे। बताया जा रहा है कि इसी खत के जवाब में पीएमओ ने अन्ना से संपर्क कर रालेगण आने का आश्वासन दिया है।

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Published on:
16 Jun 2018 08:08 am
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