
नई दिल्ली। अपने बयानों को लेकर अचानक चर्चा में आए केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अब चुनाव में हार को लेकर बड़ी बात बोली है। केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि अगर किसी के अध्यक्ष पद पर रहते हुए पार्टी के सांसद या विधायक अपेक्षाकृत नहीं कतरे तो उसके लिए कौन जिम्मेदार होगा? राजनीतिक जानकार गडकरी के इस बयान को भाजपा नेतृत्व पर अप्रत्यक्ष हमला मानकर चल रहे हैं। आपको बता दें कि नितिन गडकरी ने इससे पहले चुनाव में हार के लिए नेतृत्व को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने कहा था कि सफलता के श्रेय की तरह ही विफलता का भार भी नेतृत्व को उठाना चाहिए।
विफलता की जिम्मेदारी कोई उठाने को तैयार नहीं
पार्टी नेतृत्व पर निशाना साधते हुए गडकरी ने कहा था कि सफलता के कई पिता हैं, लेकिन विफलता बिल्कुल अनाथ है। उन्होंने कहा कि सफलता का श्रेय लूटने के लिए कई आगे आ जाते हैं, लेकिन विफलता की जिम्मेदारी कोई उठाने को तैयार नहीं होता। बस हर कोई एक दूसरे को दोषी ठहराना शुरू कर देते हैं। हालांकि कि केंद्रीय मंत्री ने अपने इस बयान को लेकर बाद में सफाई दी। उन्होंने मीडिया पर उनके बयान को तोड़ मरोड़ कर पेश करने का आरोप लगाया।
किसी ‘दौड़' या ‘प्रतिस्पर्धा' नहीं हैं
इस दौरान गडकरी ने कहा कि वह किसी ‘दौड़' या ‘प्रतिस्पर्धा' नहीं हैं और भाजपा 2019 का लोकसभा चुनाव पीएम मोदी के नेतृत्व में ही लड़ेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा पीएम मोदी के नेतृत्व में चुनाव लड़कर बहुमत लगाएगी। आपको बता दें कि गडकरी का यह बयान देश में पांच राज्यों में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा केा मिली हार के बाद आया था।