पटना में दलित-महादलित सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि संविधान प्रदत्त आरक्षण की व्यवस्था को कोई नहीं बदल सकता है।
नई दिल्ली। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आरक्षण विरोधियों को बड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने पटना के श्रीकृष्ण मेमोरी हॉल में जेडीयू के दलित-महादलित सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया की कोई ताकत नहीं जो देश में अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के आरक्षण को समाप्त करने की हिमाकत करे। उन्होंने कहा कि दलितों के अधिकार का कोई हनन नहीं कर सकता। नीतीश ने उपस्थित कार्यकर्ताओं से कहा कि आप सभी समाज में प्रेम भाईचारा और सद्भावना बनाकर रखने का संकल्प लें। इस बात को बढ़ावा दें कि सभी
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विरोधियों के बयान की चिंता न करें
उन्होंने विरोधी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि हम लोगों का यकीन झगड़ा में नहीं, प्रेम में है। अनाप-शनाप बोलते रहने वालों की किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं है। जिनके पास कोई काम नहीं है वो बयान देते रहते हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2004- 05 में अनुसूचित जाति के लिए जहां 13 करोड़ 5 लाख 45 हजार रुपए का प्रावधान किया गया था वहीं 2018-19 में यह बढ़कर 1224 करोड़ 56 लाख 28 हजार रुपए हो गया है। उन्होंने कहा कि हमने अनुसूचित जाति (एससी) एवं जनजाति (एसटी) के लिए अलग से विभाग बनाया और उनके कल्याण एवं विकास के लिए हमलोगों की प्रतिबद्धता है। नीतीश ने राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे में बताते हुए कहा कि जदयू के सभी कार्यकर्ता व नेता इनकी जानकारी लोगों तक पहुंचाएं और उनके मन में कोई प्रश्न है तो वो जानने की कोशिश करें।
शराबबंदी का असर
दलित-महादलित सम्मेलन में बोलते हुए सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में शराबबंदी का असर साफ दिख रहा है। आप लोग पहले के दौर को याद कीजिए। शाम होते ही लोग दारू पीकर सड़कों पर इधर-उधर लोटे मिलते थे। अधिकांश लोग खासकर मजदूरी करने वाले वालों का शाम ढलते ही शराब पीना शगल हो गया था। नशे में परिवार के सदस्यों के साथ लड़ाई करना प्रदेश के लिए अभिशाप बन गया था। इससे प्रदेश की महिलाएं बड़ी संख्या में पीडि़त थी। हमारी सरकार ने उनकी बातों पर गौर फरमाया। हमने शराबबंदी कानून लागू कर महिलाओं की इस समस्या निजात दिलाने का काम किया है।