Bihar Politics: लगातार 7वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे नीतीश कुमार वर्ष 2000 से शुरू हुआ नीतीश के सीएम बनने का सिलसिला 20 वर्षों से लगातार बिहार की जनता से मिल रहा प्यार
नई दिल्ली। बिहार विधानसभा ( Bihar Assembly Election ) पर एक बार फिर एनडीए ने कब्जा जमा लिया है। एग्जिट पोल को गलत साबित करते हुए राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ( NDA ) ने अपनी जीत का परचम लहराया है। एनडीए ने 125 सीटों पर जीत हासिल की है जबकि महागठबंधन को 110 सीटें मिली हैं। शानदार जीत के साथ नीतीश कुमार ( Nitish Kumar ) सातवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद का कार्यभार संभालेंगे।
नीतीश कुमार बिहार के 37वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। बीजेपी ने इस बात को पहले ही साफ कर दिया था कि जेडीयू भले ही कम सीटें हासिल करे लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही बनेंगे। हालांकि नतीजों के दौरान बीजेपी की ज्यादा सीटें आने के बाद ऐसी आवाजें भी उठने लगीं कि सीएम पद बीजेपी नेता को ही मिलना चाहिए।
आपको बता दें कि बिहार चुनाव के नतीजों में बीजेपी को सबसे ज्यादा 74 सीटें हासिल हुई है जबकि जेडीयू के खाते में 43 सीटें ही आई हैं। आईए एक नजर डालते हैं इससे पहले नीतीश कुमार ने कब-कब संभाली बिहार की कमान।
सबकुछ सही रहा तो बिहार की राजनीति में सुशासन बाबू के तौर पर अलग पहचान बनाने वाले नीतीश कुमार सातवीं बार प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। बिहार में आरजेडी को हटाकर सीएम की कुर्सी पर बैठने वाले नीतीश कुमार ने सत्ता की बागडोर कभी अपने हाथ से फिसलने नहीं दी।
ये उनकी सूझबूझ का ही कमाल था कि उन्होंने समय रहते आरजेडी का दामन थामा और फिर अवसर मिलते ही एनडीए से हाथ मिला लिया।
ऐसे बनते गए सीएम
1. 3 मार्च 2000: नीतीश कुमार ने सबसे पहले बतौर मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। हालांकि बहुमत न होने के कारण ये सरकार सिर्फ सात दिन ही चली।
2. 24 नवंबर 2005: आरजेडी के शासन से तंग आ चुकी जनता ने नीतीश कुमार को आशीर्वाद दिया और उन्होंने दूसरी बार सीएम पद की शपथ ली।
3. 26 नवंबर 2010: पांच वर्ष बाद एक बार फिर नीतीश ने संभाली प्रदेश की कमान संभाली। इस दौरान बीजेपी-जेडीयू की जुगलबंदी जनता को पसंद आई।
4. 22 फरवरी 2015: अगले पांच साल बाद चौथी बार नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने।
5. 20 नवंबर 2015: राजद के साथ गठबंधन करने के साथ ही नीतीश ने पांचवी बार सीएम पद संभाला।
6. 27 जुलाई 2017: आरजेडी से रिश्ता तोड़ने के बाद बीजेपी के साथ गठबंधन किया और छठी बार प्रदेश के मुखिया बने।
आखिरी चुनाव की कर चुके घोषणा
बिहार चुनाव की तमाम रैलियों और संबोधनों के दौरान नीतीश कुमार ने साफ कर दिया था कि ये उनका आखिरी चुनाव है। वो हर भाषण में लोगों से आखिरी बार आशीर्वाद देने की अपील भी कर रहे थे।