
नई दिल्ली। देशभर में कोरोना वायरस ( coronavirus )लगातार अपने पैर पसार रहा है। भारत ने कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या में अब चीन ( China ) को भी पीछे छोड़ दिया है, जहां से इस वायरस ने निकलकर पूरे विश्व को अपनी चपेट में ले लिया। कोरोना के इस संकट के बीच जहां केंद्र सरकार ( Centra Govt )ने करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों ( Central Govt Employee ) और 61 लाख पेंशनधारियों के महंगाई भत्ते ( Daily Allounce ) में बढ़ोतरी पर रोक लगा रखी है वहीं ओडिशा ( Odisha ) की नवीन सरकार ( Navin Govt ) ने अपने सरकारी कर्मचारियों को लॉकडाउन ( Lockdown ) के बीच बड़ा तोहफा दिया है।
ओडिशा सरकार ने राज्य के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते यानी डीए में 10 फीसदी बढ़ोतरी का ऐलान किया है। खास बात यह है कि बढ़ा हुआ डीए उन्हें एक जुलाई 2019 से जोड़कर दिया जाएगा।
देश में चल रहे कोरोना संकट और लॉकडाउन के बीच ओडिशा की नवीन पटनायक सरकार ने प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने देश में चल रहे आर्थिक संकट के बीच अपने कर्माचारियों के डेली अलाउंस यानी महंगाई भत्ते में 10 फीसदी की बढ़ोतरी का ऐलान किया है।
दरअसल राज्य के वित्त विभाग के एक पत्र के मुताबिक, ओडिशा में फिलहाल सरकारी कर्मचारियों को 154 प्रतिशत डीए दिया जाता है, लेकिन सीएम नवीन पटनायक के नए ऐलान के मुताबिक अब इन कर्मचारियों को मिलने वाला डीए 154 से बढ़ाकर 164 फीसदी कर दिया गया है।
इन लोगों को मिलेगा लाभ
सरकारी ऐलान के मुताबिक बढ़े हुए डीए का लाभ प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के साथ-साथ अनुदानित शिक्षण संस्थान, राज्य के विश्वविद्यालयों के टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ, मेडिकल कॉलेज के टीचर, अधीनस्थ न्यायिक अधिकारी, नियमित वेतनमान में नौकरी करने वाले कर्मचारी और अनुबंधित कर्मचारियों को मिलेगा।
सरकार की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक मई के वेतन के बाद सभी कर्मचारियों को उनका एरियर ( पिछले वर्ष से जोड़कर ) भुगतान कर दिया जाएगा।
आपको बता दें कि पिछले महीने ओडिशा सरकार ने अखिल भारतीय सेवा के अधिकारियों यानी भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और भारतीय वन सेवा के अधिकारियों के वेतन में 50 फीसदी कटौती की घोषणा की थी।
इसी तरह मुख्यमंत्री, मंत्रियों, विधायकों, सभी निगमों के अध्यक्षों और सभी शहरी स्थानीय निकायों के निर्वाचित प्रतिनिधियों के वेतन में 70 प्रतिशत की कटौती की घोषणा की गई थी।
आपको बता दें कि केंद्र सरकार के उस फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है, जिसमें डीए की वृद्धि को फिलहाल रोका गया है।