
नई दिल्ली। लंबे अरसे से भारत और पाकिस्तान के बीच एक-दूसरे का करीब का पड़ोसी होने के बावजूद संबंधों के खटास है। लेकिन कोरोना वायरस को रोकने के लिए पीएम मोदी ने जो कदम उठाया है उससे इस बात की उम्मीद जगी है कि दोनों देश करीब आ जाएं। इस बात की चर्चा इसलिए हो रही है कि पीएम मोदी सार्क ( SAARC ) देशों के सामने विडियो कॉन्फ्रेंस में कोरोना पर बातचीत का प्रस्ताव रखा है । सार्क के अधिकतर देशों ने पीएम मोदी के इस प्रस्ताव का खुले दिल से स्वागत किया है। यहां तक की पाकिस्तान ने भी इस पर सहमति जताई दी है।
पाकिस्तान ( Pakistan ) विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि उनकी तरफ से भी प्रतिनिधि इस चर्चा में हिस्सा लेंगे। इस प्रस्ताव के पीछे भारत का मकसद कोरोना से लड़ने के लिए आपसी सहयोग को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही इस बात की चर्चा जोरों पर है कि लंबे अरसे से भारत-पाकिस्तान ( India-Pakistan ) के बीच जारी तनाव क्या पीएम मोदी ( pm modi ) के इस पहल से कदम होंगे।
पीएम मोदी के इस प्रस्ताव के अनुरूप कोरोना का लेकर सार्क देशों के बीच विडियो कॉन्फ्रेंस आज होने वाली है। अभी तक की जानकारी के मुताबिक शाम 5 बजे यह बैठक शुरू होगी। पाकिस्तान की अधिकारी आइशी फारुकी ने ट्वीट करके कहा था कि वायरस से लड़ने के लिए जो कुछ जरूरी होगा पाकिस्तान मिलकर करेगा। इस बैठक में अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भारत, भूटान, नेपाल, मालदीव, पाकिस्तान और श्रीलंका शामिल होंगे। जानकारी के मुताबिक अधिकांश देशों के राष्ट्र प्रमुख इसमें हिस्सा लेंगे। लेकिन पाकिस्तान की तरफ से इमरान खान के स्पेशल असिस्टेंट जफर मिर्जा शामिल होंगे।
कोरोना वायरस ( coronavirus ) पर वीडियो कॉन्फ्रेंस को लेकर पीएम मोदी के ट्वीट के बाद सबसे पहले श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटपाया राजपक्षे ने ट्वीट किया। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा कि इस कदम के लिए बहुत शुक्रिया। इसके बाद नेपाल, भूटान, मालदीव और बांग्लादेश ने भी इसे साकारात्मक पहल बताते हुए स्वागत किया। देर रात पाकिस्तान ने भी आपनी प्रतिक्रिया दी और इस प्रस्ताव पर सहमति जताई।