
बेंगलुरु। कर्नाटक में मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने करीब 55 घंटे बाद अपने पद से इस्तीफा दे दिया। वह बहुमत परीक्षण भी नहीं कर पाए। येदियुरप्पा कांग्रेस की किलाबंदी भेदने में असफल रहे। इसी से गदगद कांग्रेस के खेमे में तो उत्साह है ही वहीं विपक्ष के नेताओं में नया जोश नजर आ रहा है। कर्नाटक में बुधवार को जेडीएस नेता कुमार स्वामी मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इस शपथग्रहण समारोह में कांग्रेस शक्ति प्रदर्शन की तैयारी में है। क्योंकि ज्यादातर विपक्षी नेताओं को न्योता भेजा गया है
शक्ति प्रदर्शन की तैयारी
भाजपा के खिलाफ एक बार फिर से विपक्षी दलों के एकजुट होने की बात उठने लगी है। महागठबंधन को ध्यान में रख कर कांग्रेस ने कुमारस्वामी के शपथ ग्रहणसमरोह के लिए कई दलों के नेताओं को बुलाया है।कांग्रेस ने कुमारस्वामी के शपथ ग्रहण समारोह में बसपा सुप्रीमो मायावती , तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी , सपा नेता अखिलेश यादव , एनसीपी प्रमुख शरद पवार , टीआरएस प्रमुख और तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और टीडीपी नेता चंद्रबाबू नायडू, डीएमके नेताओं, राजद नेताओं सहित आरएलडी नेता अजित सिंह को न्योता भेजा है। मीडिया से बातचीत में जेडीएस नेता कुमारस्वामी ने कहा, 'मैं कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और अन्य क्षेत्रीय नेताओं को उनके समर्थन के लिए आभार व्यक्त करता हूं।' साथ ही उन्होंने कहा कि, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ,तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसी चंद्रशेखर राव और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मुझे बधाई दी है। बसपा प्रमुख मायावती ने भी अपना आर्शीवाद दिया है। मैंने इन सभी क्षेत्रीय नेताओं को शपथ ग्रहण में आमंत्रित किया है।
बता दें कि बिहार में महागठबंधन टूटने के बाद यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी लगातार विपक्षी नेताओं को एकजुट करने में जुटी हुई हैं। सोनिया गांधी ने ही हाल ही में डिनर पार्टी का आयोजन किया था।