
नई दिल्ली। हाल ही में कांग्रेस अध्यक्ष के चुनाव को लेकर सीडब्लूसी ( CWC ) की बैठक के दौरान मचे सियासी बवाल के बाद पार्टी ने संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इससे पहले संगठनात्मक चुनाव के तौर तरीकों को लेकर 3 दिन पहले केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण ( CEA ) की बैठक हुई थी। इस बैठक में सीईए के पदाधिकारियों ने चुनाव प्रक्रिया के प्रारंभिक कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया था। उसके बाद से अखिल भारतीय स्तर पर संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
सीईए की बैठक AICC मुख्यालय में मधुसूदन मिस्त्री की अध्यक्षता में हुई थी। जानकारी के मुताबिक सब कुछ केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार होता रहा तो 2021 की शुरुआत में कांग्रेस का नया अध्यक्ष निर्वाचित होगा।
नवंबर तक संगठन का चुनाव पूरा कराने का फैसला
फिलहाल, अखिल भारतीय स्तर पर संगठनात्मक चुनाव की इस प्रक्रिया को नवंबर तक पूरा कराने का फैसला लिया गया है। उसके बाद समिति सोनिया गांधी ( Sonia Gandhi ) को सूचित करेगी कि पार्टी आंतरिक चुनावों के लिए तैयार है या न हीं। चुनाव के लिए पार्टी के तैयार होने की स्थिति में सीडब्ल्यूसी की बैठक होगी और मतदान के जरिए कांग्रेस के नए अध्यक्ष का चुनाव होगा।
24 में 11 का सदस्यों का चयन मतदान से
कांग्रेस पार्टी के संविधान के मुताबिक कांग्रेस कार्यसमिति ( CWC ) के 24 सदस्यों में से 11 सदस्यों का मतदान के जरिए होना चाहिए। शेष 13 सदस्यों को पार्टी अध्यक्ष द्वारा नामित किया जा सकता है। इस काम को पूरा कराना कांग्रेस के लिए एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। इसमें देश भर से एआईसीसी सदस्यों की सूची को जोड़ना भी शामिल होता है।
मांग स्वीकार
बता दें कि कांग्रेस पार्टी ने संगठनात्मक चुनाव ( Organizational election ) कराना का यह फैसला अगस्त में पार्टी के 23 वरिष्ठ नेताओं द्वारा सोनिया गांधी को एक पत्र लिखे जाने के बाद लिया गया है। इन नेताओं ने सोनिया गांधी से ब्लॉक से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के पदाधिकारियों का चयन संगठनात्मक चुनावों के जरिए कराने की मांग की थी। खास बात यह है कि असंतुष्टों की मांग को पार्टी की सर्वोच्च संस्था कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्यों के लिए चुनाव कराने के लिए स्वीकार कर लिया है, लेकिन इसके लिए सीडब्ल्यूसी से हरी झंडी लेनी होगी।