
नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पीएम नरेंद्र मोदी आज देहरादून स्थित वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई) कैंपस में आयोजित योग कार्यक्रम में शामिल हुए और योग का अभ्यास किया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि योग दिवस अच्छे स्वास्थ्य और मानव कल्याण की खोज में दुनिया भर में सबसे बड़ा जन आंदोलन बन गया है। यह दुनिया को जोड़ने वाली सबसे बड़ी ताकतों में से एक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान जीवनशैली, तेजी से बदलते मौसम और प्रदूषण के खतरों से निजात दिलाने में योग एक ऐसा माध्यम है जो पूरी दुनिया के लोगों को स्वस्थ रख सकता है।
मेडिकल बिल को कम करता है योग
पीएम मोदी ने कहा कि योग हर व्यक्ति के मेडिकल बिल को कम करता है। यह जीवन को समृद्ध करने वाला सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि योग पूरी दुनिया को भारत की देन है। इसलिए हर भारतवासी को इस पर गर्व करना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित होने के बाद से यह संपूर्ण मानवता को जोड़ने का कारगर माध्यम बन गया है। यह व्यक्त्िा के मन, शरीर, आत्मा और बुद्धि को जोड़ता है। यही वजह है कि यह बिखराव के इस युग में पहले से ज्यादा प्रासंगिक हो गया है। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसा अनुभव है जो मन में शांति, सुकून और स्वस्थ जीवन का अहसास कराता है।
55 हजार लोगों ने किया योगाभ्यास
आपको बता दें कि 21 जून, 2015 को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुरुआत पीएम मोदी के नेतृत्व में हुई थी। उन्होंने संपूर्ण देशवासियों और दुनिया के लोगों को चौथे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की बधाई दी। पीएम मोदी के एफआरआई कैंपस में 55 हजार लोगों के ने योग किया। यूएन द्वारा इस दिन को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित करने के बाद से दुनिया भर में 21 जून को योग दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत सरकार द्वारा इस पर जोर देने से यह दुनिया भर में एक आंदोलन का रूप धारण कर चुका है। दुनिया के अधिकांश देशों में योग दिवस मनाया जाने लगा है। चार साल पहले जब इसकी शुरुआत हुई थी तब इसको लेकर कुछ जगहों पर आपत्तियां जताईं गईं थीं, लेकिन अब दुनिया ने योग को गले लगा लिया है और इसकी एक अंतरराष्ट्रीय पहचान बन चुकी है।