
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी और कांग्रेस एससी विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम ने योगी सरकार पर सबसे तीखे हमले किए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संविधान और न्यायपालिका पर भरोसा नहीं करती, पुलिस का राजनीतिक इस्तेमाल कर रही है और जनता को धर्म के नाम पर बांटकर रोजगार, शिक्षा और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों से भटका रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस गांव-गांव जाकर भाजपा के दावों की 'हकीकत' बताएगी और राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर सवाल पूछेगी कि जो राम के नहीं हुए, वे आमजन के कैसे होंगे। वहीं, इंडिया ब्लॉक को लेकर उन्होंने भरोसा जताते हुए कहा कि गठबंधन हर हाल में कायम रहेगा और भाजपा को हराने के लिए सम्मानजनक तालमेल के साथ आगे बढ़ा जाएगा। गौतम ने यह बातें राजस्थान पत्रिका से विशेष साक्षात्कार में कही।
सवाल: आपको ऐसे समय उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है, जब विधानसभा चुनाव में बहुत कम समय बचा है। आपके सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या है?
गौतम: सबसे बड़ी चुनौती यह है कि भाजपा को जिस तरह मुख्यधारा के मीडिया का साथ मिलता है, विपक्ष को वैसा अवसर नहीं मिलता। इसलिए हमें अपने सोशल मीडिया और अपने कार्यकर्ताओं के माध्यम से गांव-गांव तक पहुंचना पड़ रहा है। जल्द ही उत्तर प्रदेश प्रदेश संगठन की घोषणा करेंगे। उसके बाद गांव-गांव चर्चा करेंगे कि सरकार ने क्या अच्छे काम किए और क्या नहीं किए। योगी सरकार की जो एक फर्जी छवि बनाई गई है, उसे भी जनता के सामने बेनकाब करेंगे। मुख्यधारा के मीडिया ने उस छवि को बनाने में मदद की है, जबकि सच्चाई यह है कि उन्होंने पुलिस को हत्यारा बना दिया है।
सवाल: आप कह रहे हैं कि योगी सरकार को कानून और संविधान पर भरोसा नहीं है?
गौतम: बिल्कुल। उत्तर प्रदेश सरकार को देश के संविधान और न्यायपालिका पर भरोसा नहीं है। अगर किसी ने अपराध किया है तो उसे गिरफ्तार कीजिए, पुलिस जांच करे, चार्जशीट दाखिल करे, अदालत में मुकदमा चले और अगर अदालत उसे दोषी मानती है तो सख्त से सख्त सजा दे। लेकिन पुलिस को ही हत्या करने का अधिकार क्यों दिया जा रहा है? पुलिस को एनकाउंटर का हथियार क्यों बनाया जा रहा है? और यह भी देखिए कि किन लोगों को ज्यादा निशाना बनाया जा रहा है। यादव, दलित, मुस्लिम, अति पिछड़े और भाजपा के विरोधी ज्यादा टारगेट हुए। सौ से ज्यादा ब्राह्मण भी एनकाउंटर में मारे गए। यह सरकार किसी की नहीं है।
सवाल: आप पुलिस पर भी सवाल उठा रहे हैं?
गौतम: पुलिस किसी की नहीं होती। पुलिस का कोई धर्म नहीं होता। पुलिस संविधान के अनुसार चलती है। लेकिन यहां पुलिस को एक राजनीतिक दल के हित में इस्तेमाल किया जा रहा है। दलितों, मुसलमानों, अति पिछड़ों और भाजपा के विरोधियों को निशाना बनाया जा रहा है। यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।
सवाल: चुनाव में कांग्रेस किन मुद्दों पर जनता के बीच जाएगी?
गौतम: पहला मुद्दा यह होगा कि सरकार अपना बजट तक खर्च नहीं कर पा रही। सरकार यह बताए कि किस मद में कितना बजट रखा था और कितना खर्च किया। दूसरी तरफ लोगों का ध्यान हिंदू-मुस्लिम की राजनीति में उलझाया जा रहा है। देखिए, अभी योगी जी कहते हैं कि कोई सड़क पर नमाज पढ़ेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। लेकिन कांवड़ यात्रा के लिए कई दिनों तक सड़कें बंद कर दी जाती हैं और ट्रैफिक डायवर्ट किया जाता है। देखिए सरकार का धर्म नहीं होता। सरकार न हिंदू होती है, न मुसलमान, न सिख, न ईसाई। सरकार सिर्फ संविधान के अनुसार चलती है। संविधान की नजर में सभी धर्म बराबर हैं। अगर एक धर्म के लिए अलग व्यवस्था और दूसरे धर्म के लिए अलग व्यवस्था होगी, तो सवाल उठेंगे। अगर कोई ईद पर आधे घंटे नमाज पढ़ ले तो पूरा दिन तो सड़क को बंद नहीं होता, लेकिन कांवड़ के लिए कई-कई दिन सड़कें बंद रहती हैं। आखिर यह दोहरा मापदंड क्यों? साफ है कि यह भाजपा मुस्लिम, दलित, अति पिछड़ों और पिछड़ों से नफरत करती है।
सवाल: भाजपा के हिंदुत्व के एजेंडे का मुकाबला कांग्रेस कैसे करेगी?
गौतम: हम गांव-गांव जाकर लोगों को बताएंगे कि उनके साथ क्या हुआ है। नौकरियां खत्म कर दी गईं, सरकारी संस्थान बेच दिए गए, छात्रों की छात्रवृत्तियां खत्म हो गईं। पहले इंजीनियरिंग जैसे कोर्स में फीस सरकार संस्थान को देती थी, अब गरीब छात्र पहले अपनी जेब से फीस जमा करे, तब कहीं बाद में पैसा मिलने की बात होती है। गरीब के पास पैसा ही नहीं है, इसलिए उसकी पढ़ाई छूट रही है। लोगों को धर्म के नाम पर उलझाकर रखा गया है। जैसे कार्ल मार्क्स ने कहा कि धर्म अफीम की तरह है, उसके बाद लोगों को पता ही नहीं चलेगा कि उनसे क्या छीन लिया गया। हम लोगों को जगाकर बताएंगे कि उनसे क्या-क्या छीना गया। जिस भगवान राम के नाम पर राजनीतिक सत्ता हासिल की गई, उसी राम मंदिर की पेटी से चढ़ावा चुरा लिया गया। हम गांव-गांव जाकर पूछेंगे कि जो राम के नहीं हुए, वे आमजन के कैसे होंगे।
सवाल: आप कह रहे हैं कि गांव गांव जाकर यह बातें बताएंगे, लेकिन आपका तो है ही नहीं...
गौतम: मैंने बताया कि अभी संगठन का काम चल रहा है। प्रदेश संगठन की घोषणा जल्द होगी। उसके बाद प्रदेश से लेकर जिला, ब्लॉक, गांव और बूथ स्तर तक पूरा ढांचा तैयार किया जाएगा। पहले भी जिला अध्यक्ष काम कर रहे थे, लेकिन अब पूरा राज्य संगठन घोषित होगा। जब तक राज्य की टीम नहीं होगी, तब तक गांव तक कैडर तैयार करना मुश्किल है। अब हम राज्य से लेकर बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करेंगे।
सवाल: आरक्षण और भर्ती का मुद्दा भी आप उठा रहे हैं?
गौतम: बिल्कुल। सरकार ने आरक्षण के साथ अन्याय किया है। करीब 68 हजार भर्तियों में लगभग आठ हजार एससी, ओबीसी वर्ग के पद खत्म कर दिए गए। भर्ती परीक्षाओं में लगातार गड़बड़ियां हो रही हैं। पेपर लीक हो रहे हैं। युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है। हम इसे बड़ा चुनावी मुद्दा बनाएंगे।
सवाल: मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (एसआइआर) को आप कितना बड़ा चुनावी मुद्दा मानते हैं?
गौतम: यह बहुत गंभीर मुद्दा है। हमें लगता है कि यह एक टारगेटेड अभियान है। इसके जरिए दलितों, मुसलमानों और विपक्ष के समर्थकों के वोट काटने की कोशिश हो रही है। चुनाव आयोग की मदद से हर विधानसभा क्षेत्र में हजारों वोट प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। लेकिन हमने भी पूरी टीम लगा दी है। हर जगह निगरानी की जा रही है। जरूरत पड़ी तो अदालत जाएंगे। कई मामलों में कोर्ट से आदेश भी आए हैं। लोकतंत्र में किसी का वोट काटने का अधिकार किसी को नहीं है।
सवाल: आप बंगाल का उदाहरण भी दे रहे थे?
गौतम: पश्चिम बंगाल में भी चुनाव के दौरान ऐसे आरोप लगे थे। वहां बाहर से अधिकारियों की तैनाती की गई। ममता बनर्जी कह चुके हैं कि चुन-चुनकर ऐसे अधिकारियों को लगाया गया, जिनकी विचारधारा भाजपा के करीब थी। इसलिए हम उत्तर प्रदेश में पूरी सतर्कता बरत रहे हैं। हमारी टीम हर स्तर पर नजर रखेगी और किसी भी गड़बड़ी को सफल नहीं होने देगी।
सवाल: समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन को लेकर बार-बार सवाल उठते हैं। क्या इंडिया ब्लॉक बना रहेगा?
गौतम: बिल्कुल रहेगा। राहुल जी ने इंडिया ब्लॉक की बैठक में साफ कहा है कि गठबंधन को हर कीमत पर मजबूत रखना है। उन्होंने कहा कि अगर गठबंधन को बचाने के लिए 'जहर भी पीना पड़े', तो वह उसके लिए भी तैयार हैं। हमारा उद्देश्य भाजपा को हराना और लोकतंत्र की रक्षा करना है। हमारा मानना है कि बातचीत सम्मानजनक होनी चाहिए। सीटों का बंटवारा भी सम्मानजनक तरीके से होगा
सवाल: यह सम्मानजनक सीटें कितनी होगी?
गौतम: हमारी मांग तो 50 फीसदी सीटों की है, लेकिन बहुत इधर-उधर हो सकता है। हम इस पर अड़ियल नहीं है। यह बातचीत शुरू होने के बाद तस्वीर साफ होती चली जाएगी।
सवाल: ओवैसी लगातार समाजवादी पार्टी पर दबाव बना रहे हैं। कह रहे हैं कि बाद में मत कहना....क्या इसका असर पड़ेगा?
गौतम: देखिए, कुछ छोटी पार्टियां ऐसी हैं जो सीधे या परोक्ष रूप से भाजपा की मदद करती हैं। जब भी भाजपा और विपक्ष आमने-सामने होते हैं, ये पार्टियां विपक्ष के साथ खड़ी नहीं दिखतीं। इसलिए जनता को भी समझना चाहिए कि किसकी राजनीति से किसे फायदा हो रहा है।
सवाल: क्या छोटे दलों से भी बातचीत चल रही है?
गौतम: हां, कई छोटे दलों से बातचीत चल रही है। कई दल बिना किसी शर्त के भी हमारा समर्थन करना चाहते हैं। जो भी संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय में विश्वास रखता है और सांप्रदायिक राजनीति का विरोध करता है, उसके लिए इंडिया गठबंधन के दरवाजे खुले हैं।
सवाल: बसपा के साथ गठबंधन की भी चर्चा होती रहती है। क्या इसकी कोई संभावना है?
गौतम: हमारी सोच साफ है। जो संविधान में विश्वास रखता है, लोकतंत्र को मजबूत करना चाहता है और सामाजिक न्याय के पक्ष में है, उसके लिए इंडिया गठबंधन के दरवाजे खुले हैं। आगे क्या होगा, यह परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।
Updated on:
03 Aug 2026 10:58 am
Published on:
03 Aug 2026 10:58 am
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