
राउज एवेन्यू कोर्ट ने बाल्यान को इस केस में बरी कर दिया। (फोटो सोर्स- ANI)
Naresh Balyan Extortion Case: आम आदमी पार्टी के पूर्व विधायक नरेश बाल्यान की मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं। एक तरफ उन्हें जबरन वसूली के मामले में दिल्ली की निचली अदालत से राहत मिली है, तो दूसरी तरफ दिल्ली हाई कोर्ट ने MCOCA के एक अलग मामले में उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है। कुछ दिन पहले राउज एवेन्यू कोर्ट ने नरेश बाल्यान को 2023 के जबरन वसूली के मामले में बरी कर दिया था। इस मामले में एक कारोबारी ने आरोप लगाया था कि उसे विदेशी नंबर से फोन आया और एक करोड़ रुपए मांगे गए। पैसे नहीं देने पर जान से मारने की धमकी देने की बात भी कही गई थी।
जांच के दौरान नरेश बाल्यान और गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू के बीच बातचीत की बताई जा रही एक ऑडियो सामने आई थी। पुलिस ने इसे केस में अहम सबूत माना था। लेकिन कोर्ट में इस ऑडियो को लेकर सवाल खड़े हो गए।
अदालत ने कहा था कि शिकायतकर्ता का मोबाइल पुलिस ने जब्त नहीं किया। इसके अलावा यह भी साफ नहीं हो पाया कि सोशल मीडिया पर सामने आई ऑडियो आखिर कहां से आई थी। जांच में इन कमियों को देखते हुए कोर्ट ने बाल्यान को इस मामले में बरी कर दिया।
अब दिल्ली हाई कोर्ट ने कपिल सांगवान उर्फ नंदू से जुड़े MCOCA मामले में नरेश बाल्यान को जमानत देने से इनकार कर दिया है। पुलिस का आरोप है कि बाल्यान और कुछ दूसरे लोग कपिल सांगवान के कथित गैंग से जुड़े थे।
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने इस मामले में चार्जशीट भी दाखिल की है। बाल्यान को इस मामले में दिसंबर 2024 में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के मुताबिक कपिल सांगवान फिलहाल फरार है और उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी हैं। उसके ब्रिटेन में होने की बात भी सामने आई है।
नरेश बाल्यान के लिए मौजूदा स्थिति यह है कि जबरन वसूली के केस में उन्हें राहत मिल चुकी है, लेकिन MCOCA का अलग मामला अभी चल रहा है। हाई कोर्ट से जमानत नहीं मिलने के कारण वह इस मामले में फिलहाल जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे।
दोनों मामले अलग-अलग हैं। इसलिए रंगदारी के केस में मिली राहत का सीधा असर MCOCA मामले पर नहीं पड़ेगा। अब बाल्यान की नजर इस मामले में आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर है।
Updated on:
03 Aug 2026 11:40 am
Published on:
03 Aug 2026 10:59 am
