राजनीति

सितारों का यह गणित मोदी को बार-बार बना रहा है बादशाह

पहले ही पता चल गया था कि मोदी बनेंगे दोबारा पीएम अंकशास्त्री ने अपने आकलन से कर दी थी भविष्यवाणी नोटबंदी जैसे फैसले को लेकर भी पहले ही कर दी थी घोषणा
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PM Modi will become PM Again predicted in 2018

नई दिल्ली। क्या वाकई भविष्यवाणी सच साबित होती है? क्या कोई पहले से ही किसी घटना के नतीजों का सटीक अंदाजा लगा सकता है? तो इसका जवाब हां में है, लेकिन तब जब स्थितियों का आकलन बिल्कुल उचित ढंग से किया जाए। शायद यही वजह है कि पिछले साल पीएम मोदी के जन्मदिन पर ही ऐस्ट्रो-न्यूमेरोलॉजिस्ट गौतम आजाद ने यह भविष्यवाणी कर दी थी कि 2019 में वह फिर सत्ता संभालेंगे, और आज यह सच भी साबित हो गई।

गौतम आजाद नेे अपने फेसबुक पेज पर बीते 17 सितंबर 2018 को ही गौतम आजाद ने यह घोषणा कर दी थी कि नरेंद्र मोदी फिर से 2019 में वापसी करेंगे। उन्होंने अपनी पोस्ट में पीएम मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए बताया था कि पीएम का मूलांक (साइकिक नंबर) 8 है। मूलांक यानी जन्मतिथि को जोड़ने पर निकलने वाली एक संख्या। पीएम मोदी की जन्मतिथि 17 तारीख का मतलब मूलांक 1+7=8 हुआ।

आजाद के मुताबिक 8 नंबर मूलांक वालों के लिए 1, 3, 5 और 6 अंक हितैषी होते हैं। 8 मूलांक वाले व्यक्तियों का जीवन हमेेेशा चरम पर या अत्याधिक होता है, यानी बहुत ज्यादा ऊंचाई पर या गर्त में, बहुत ज्यादा प्रेम पाने वाला या फिर घृणा, बहुत ज्यादा नाम पाने वाला या फिर बदनाम। सीधे शब्दों में कहें तो 8 मूलांक वाले व्यक्तियों के जीवन में जो भी कुछ होता है वो बिल्कुल चरम पर होता है। यानी सबसे अच्छा या सबसे बुरा।

इसके अलावा पीएम मोदी के नाम नरेंद्र मोदी (NARENDRA MODI) के सभी अल्फाबेट्स जोड़ने पर 41 नंबर मिलता है जिसका मतलब 5 (4+1) होता है। न्यूमेरोलॉजी के हिसाब से 5 अंक वाले व्यक्ति महान वक्ता और मशहूर होते हैं। पीएम मोदी का नाम भी उनके लिए बेहतरीन है और उनकी जन्मतिथि के अनुरूप है।

गौतम आजाद आगे बताते हैं कि मोदी पहली बार जब प्रधानमंत्री बने तो वह अपने 64वें वर्ष में थे, जिसका जोड़ 1 (6+4=10, 1+0=1) होता है। और नंबर 1 भी पीएम मोदी के लिए काफी अच्छा साबित होता है। अंकशास्त्र के हिसाब से पीएम मोदी का व्यक्तिगत तत्व पृथ्वी है, जिसकी वजह से वह बहुत ज्यादा प्रतिक्रिया नहीं देते और जमीन पर बने रहते हैं। हालांकि अगर कोई व्यक्ति लगातार उन्हें कुरेदता रहता है तो वह फट भी सकते हैं।

आजाद ने 2016 में पीएम मोदी के जन्मदिन पर जो भविष्यवाणी की थी वह भी सही साबित हुई थी। आजाद ने पहले ही बता दिया था कि मोदी उस साल बहुत गैर-पारंपरिक और लोगों को पसंद न आने वाला फैसला ले सकते हैं, जिसके बाद 8 नवंबर 2016 को रात 8 बजे उन्होंने नोटबंदी की घोषणा कर दी थी। अब पीएम मोदी अपने 69वें वर्ष में चल रहे हैं, जिसका जोड़ 6 (6+9=15, 1+5=6) आता है और यह भी उनका मित्र अंक हैं।

लोकसभा चुनाव भी वर्ष 2019 (2+0+1+9=3) में हो रहे हैं, जिसका जोड़ 3 आता है जबकि राहुल गांधी अपने जीवन के 49वें वर्ष (4+9=13) में चल रहे हैं। 2014 में मोदी 64 (1) वर्ष के थे जबकि राहुल गांधी 44 (8) वर्ष के और उन्हें 44 (8) सीटें ही मिली थीं।

अगर 8 नंबर कितना चरम पर पहुंचा देता है, इसका उदाहरण देखना हो तो 62 वर्षीय मायावती (6+2=8) और 44 वर्षीय अखिलेश यादव (4+4=8) को देखें, जिन्हें इस अंक ने उनके राजनीतिक करियर के बिल्कुल निम्नतम स्तर पर पहुंचा दिया।

बता दें इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद गौतम आजाद ने अंकों के प्रति अपने प्रेम के चलते अच्छी-खासी बहुराष्ट्रीय कंपनी की नौकरी छोड़ दी और न्यूमेरोबे की शुरुआत की। गौतम ने अंकशास्त्र का सबसे पहला प्रयोग खुद पर किया। अपने नाम में एक H जोड़कर सकारात्मक प्रतिक्रिया पाते देख उन्होंने दूसरों के लिए इसका प्रयोग करना शुरू कर दिया। अब वह राजनेता, उद्योगपति, अभिनेता समेत तमाम शख्सियतों को सलाह देते हैं। तीन बार आईपीएल, फुटबॉल वर्ल्ड कप समेत कई मौकों पर सटीक भविष्यवाणी कर चुके गौतम की सलाह है कि हर व्यक्ति के लिए नंबर मददगार होते हैं, लेकिन सही नंबर की जानकारी होना जरूरी है।

Updated on:
24 May 2019 06:02 pm
Published on:
24 May 2019 05:23 pm