रविवार को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक हुई। इस दौरण पाँच राज्यों में पार्टी की हार और पार्टी को बेहतर बनाने को लेकर समीक्षा बैठक हुई। इस दौरान अमरिंदर सिंह को हटाने में देरी को लेकर भी सोनिया ने दुखज ताया। वहीं, सिद्धू को पंजाब की हार के लिए जिम्मेदार ठहराया गया।
रविवार को कांग्रेस कार्यसमिति की बैठ हुई जिसमें सोनिया, राहुल, प्रियंका समेत कांग्रेस के कई बड़े नेता शामिल हुए थे। ये बैठ पाँच राज्यों में हार पर समीक्षा और पार्टी को मजबूत करने के लिए हुई थी। कांग्रेस के सूत्रों से ये खबर सामने आ रही है कि कार्यसमिति की बैठक में सोनिया गांधी ने ये बात स्वीकार की है कि उन्होंने अमरिंदर के खिलाफ सामने आ रही शिकायतों को नजरअंदाज किया था। जब मीटिंग में ये आवाज उठी कि अमरिंदर सिंह को पहले ही पद से हटा दिया जाना चाहिए था। इसपर सोनिया ने खेद व्यक्त किया कि वो ही अमरिंदर की संरक्षक बनी रही। इसके साथ ही सिद्धू को भी हार के लिए जिम्मेदार ठहराया गया।
अमरिंदर को हटाने में की देरी
सूत्रों के अनुसार सोनिया गांधी ने ये बात तब कही जब कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी के चेयरमैन अजय माकन कहा कि अमरिंदर को कुछ समय पहले हटा दिया गया होता तो बेहतर रहता। इसपर सोनिया गांधी ने कहा, "अगर कैप्टन अमरिंदर सिंह को पंजाब के सीएम के रूप में जारी रखना एक गलती थी, तो मैं इसके लिए जिम्मेदार हूं। मैं केवल अमरिंदर सिंह को उनके खिलाफ शिकायतों के बावजूद बचाती रही।"
राहुल के फैसले की सराहना
इस दौरान पार्टी के कई शीर्ष नेताओं ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के उस फैसले की सराहना की जिसमें उन्होंने चरणजीत सिंह चन्नी को सीएम बनाया था। इन नेताओं का मानना है कि राहुल गांधी ने ऐसा करके पंजाब समेत पूरे देश के लिए एक एसेट तैयार किया। इसके बाद इन नेताओं ने सिद्धू को पंजाब में हार के लिए जिम्मेदार ठहराया।
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सिद्धू और उनके परिवार ने बिगाड़ी जीत की संभावना
बैठक के दौरान अजय माकन ने कहा कि जब राहुल गांधी ने एक साधारण परिवार से आने वाले चरणजीत सिंह चन्नी को सीएम पद के लिए उम्मीदवार बनाया तो सिद्धू के परिवार ने उनपर हमला किया। सिद्धू के परिवार ने चन्नी को अमीर बताकर पार्टी की संभावनाओं को कमजोर किया।
चन्नी जब राज्य में बिजली की दरों में कटौती कर रहे थे तब ये सिद्धू थे जिन्होंने उनपर सवाल उठाए थे कि पैसे कहाँ से आएगा।ड्रग्स के मुद्दे पर भी सिद्धू ने पार्टी पर ही सवाल खड़े किये।
गौरतलब है कि नवजोत सिंह सिद्धू ने चुनावों से पहले और चुनावों के दौरान अपनी ही पार्टी की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। जब चन्नी को सीएम चेहरा घोषित किया गया तो ये सिद्धू ही थे जिन्होंने कहा था कि सीएम तो तब बनेंगे जब चुनाव जीतेंगे।
अब चुनावों में पार्टी को जो हार मिली है उससे कांग्रेस के कई बड़े नेता यहाँ तक कि पंजाब कांग्रेस में भी सिद्धू के खिलाड गुस्सा बढ़ने लगा है। हो सकता है जल्द ही सिद्धू के खिलाफ कोई बड़ा एक्शन पार्टी की तरफ से देखने को मिले क्योंकि कई बड़े नेता सिद्धू से इस्तीफे की मांग भी आकर चुके हैं। यदि आने वाले दिनों में उन्हें पार्टी से निलंबित किया जाता है या निकाला जाता है तो किसी को कोई हैरानी नहीं होगी।
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