
नई दिल्ली। मानसून सत्र के तीसरे दिन शुक्रवार को अविश्वास प्रस्ताव के बीच कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को आखिरकार बोलने का मौका मिला। अपने भाषण की शुरुआत राहुल गांधी ने अंग्रेजी से की। हालांकि बाद में उन्होंने हिंदी में मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। भाषण के अंत में राहुल गांधी ने पीएम मोदी ये कहकर गले लगा लिया, आप भले मुझे पप्पू कहें, गाली दें लेकिन मेरे दिल में आपके लिए गुस्सा है नफरत नहीं। राहुल के पीएम मोदी को गले लगाते सदन में जमकर तालियां बजीं। मेजें थप-थपाई गई। पीएम मोदी ने भी राहुल को दिल खोलकर गले लगाया।
इससे पहले राहुल के भाषण में भाजपा और पीएम मोदी पर जमकर निशाना साधा। राहुल के इन हमलों के बीच कुछ ऐसा हुआ कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी हंसी ही नहीं रोक पाए। ऐसा पहली बार हुआ है जब विपक्ष का बड़ा नेता किसी पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहा हो वो भी प्रधानमंत्री और उनको हंसी आ रही हो।
राहुल ने अपने हमलों की शुरुआत 15-15 लाख रुपए हर आदमी के खाते में आने के भाजपा के वादे से की। इसके बाद उन्होंने रोजगार को लेकर पीएम मोदी पर बड़ा हमला बोला। राहुल ने मोदी सरकार को याद दिलाया कि सत्ता में आने से पहले उन्होंने दो करोड़ रोजगार का वादा किया था, लेकिन अब तक पूरा नहीं हुआ।
राहुल के आरोपों में कुछ नया नहीं
लंबे समय से सदन में बोलने की मांग करते आ रहे राहुल गांधी ने अपने पूरे भाषण के दौरान एक भी नहीं बात नहीं की। अब तक अपनी रैलियों और बयानों में राहुल गांधी जो बोलते आए हैं लगभग वही सब बातें उन्होंने अपने भाषण में शामिल रखीं। हालांकि इस बीच सदन में जमकर हंगामा भी हुआ। अनंत कुमार ने अमित शाह के बेटे पर बोलने के चलते बिना नोटिस आरोप लगाने को गलत भी बताया।