राहुल गांधी ने हैम्बर्ग में किया बड़ा खुलासा, बोले मोदी को झप्पी देने पर कांग्रेस में ही शुरू हो गया था विरोध, कई नेताओं को पसंद नहीं आया।
नई दिल्ली। भारतीय राजनीति का वो दिन तो आपको याद ही होगा जब सदन में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सबसे सामने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गले लगाया। उनके गले लगाते ही सदन में जोरदार हंगामा हुआ, कुछ लोगों के ये बात पसंद आई तो कुछ लोगों ने आपत्ति जताई। विरोधी खेमे से विरोध के स्वर सुनाई देना तो लाजमी है लेकिन आप जानते हैं कांग्रेस के खेमे से इस झप्पी पर नाराजगी जताई गई थी। ये खुलासा खुद राहुल गांधी ने जर्मनी के हैम्बर्ग में अपने संबोधन के दौरान किया है।
नफरत का जवाब नफरत से देना ठीक नहीं
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि संसद में जब उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गले लगाया था तो उनकी ही पार्टी के कुछ सदस्यों को यह पसंद नहीं आया था। जर्मनी के हैम्बर्ग में अपने संबोधन में गांधी ने कहा कि नफरत का जवाब नफरत से देना बिल्कुल ठीक नहीं है। उन्होंने कहा, 'समस्या का समाधान करने के लिये आपको उसे स्वीकार करना होगा।'
..तो मेरी पार्टी में नाराजगी हो गई शुरू
राहुल गांधी ने भारत और पिछले 70 वर्षों में उसकी प्रगति के बारे में भी बोला। संसद में पिछले महीने मोदी सरकार पर तीखे हमले करने के बाद प्रधानमंत्री को गले लगाने के वाकये का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, 'जब संसद में मैंने प्रधनमंत्री मोदी को गले लगाया तो मेरी पार्टी के भीतर कुछ लोगों को यह पसंद नहीं आया।' अहिंसा भारत के इतिहास का मूल मंत्र रहा है। यही भारतीय होने का अहसास है। अगर कोई आपसे नफरत करता है तो यह उसकी प्रतिक्रिया है।
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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने संबोधन में कहा कि नफरत का जवाब नफरत से देना बेवकूफी भरा है। इससे समस्या का समाधान नहीं होने वाला है। 'मैं उन्हें कहना चाहता था कि दुनिया में सिर्फ बुरे लोग नहीं हैं। बहुत से लोग स्नेह में भरोसा रखते हैं। यह उन्हें पसंद नहीं आया...''