
Vande Mataram Bill 2026: संसद के मानसून सत्र के पहले दिन शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला। राउत ने दोनों नेताओं को बिना टेलीप्रॉम्प्टर के 'वंदे मातरम' सुनाने की चुनौती दी। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब केंद्र सरकार 'वंदे मातरम' का अपमान या उसके गायन में व्यवधान डालने को दंडनीय अपराध बनाने वाला विधेयक संसद में पेश करने जा रही है।
संसद परिसर के बाहर पत्रकारों से बातचीत में उद्धव गुट के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने कहा, "मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह को चुनौती देता हूं कि वे बिना टेलीप्रॉम्प्टर के 'वंदे मातरम' बोलकर दिखाएं।" राउत का यह बयान केंद्र सरकार के प्रस्तावित कानून पर उनकी तीखी प्रतिक्रिया के तौर पर देखा जा रहा है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्य सभा में राष्ट्र गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश करने वाले हैं। इस विधेयक को आज के लिए राज्यसभा की कार्यसूची में शामिल किया गया है और अमित शाह इसे उच्च सदन में पेश करेंगे। इस विधेयक का उद्देश्य राष्ट्र गीत वंदे मातरम को राष्ट्र गान ‘जन गण मन’ के समान वैधानिक संरक्षण प्रदान करना है।
प्रस्तावित संशोधन के तहत राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' का अपमान करने या उसके गायन में बाधा डालने को दंडनीय अपराध बनाने का प्रावधान किया गया है। वंदे मातरम का अपमान या अनादर करना एक आपराधिक कृत्य माना जाएगा, जिसके लिए तीन साल तक की जेल की सजा का प्रावधान है।
केंद्र सरकार के इस प्रस्तावित कानून को लेकर विपक्ष की ओर से राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं। संजय राउत के बयान ने संसद के पहले ही दिन सियासी माहौल गरमा दिया है। अब इस विधेयक पर संसद में चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की संभावना बढ़ गई है।
बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्र गीत को राष्ट्र गान के समान दर्जा दिलाने का प्रयास वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ के साल भर चलने वाले समारोहों के बीच किया जा रहा है। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय सभी राज्यों को पत्र भेजकर निर्देश दे चुका है कि जिन सरकारी कार्यक्रमों में राष्ट्रगान 'जन गण मन' गाया जाता है, वहां 'वंदे मातरम' का गायन या वादन भी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए।