
इस समय पूरे देश में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर बहस छिड़ा हुआ है। ऐसे में कई पार्टियां या तो इस मुद्दे पर या तो अपनी सहमती दे चुकी है। वहीं, कुछ पार्टियां विरोध कर रही है। लेकिन इन सबके बीच कांग्रेस इस मुद्दे पर कुछ भी बोलसे से बच रही है। वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर ने समान नागरिक संहिता को लेकर बयान दिया है।
जब तक ड्राफ्ट नहीं देखेंगे कांग्रेस कोई फैसला नहीं करेगी-थरूर
UCC के मुद्दे पर रविवार को मीडिया से बात करते हुए शशि थरूर ने कहा कि यह एक चिंता का विषय बन गया है, क्योंकि इससे विभिन्न समुदाय को मिले अधिकारों का हनन हो सकता है और यही डर का आधार है। हम जब तक केंद्र सरकार द्वारा लाई जाने वाले बिल का ड्राफ्ट नहीं देख लेती तब तक न विरोध करेंगे न समर्थन।
हिंदू कोड बिल लाने में भी 9 साल लग गए
वहीं, थरूर ने कहा कि हमें पहले यह देखना है कि आखिर सरकार का प्रस्ताव क्या है? सरकार ने अभी तक ड्राफ्ट नहीं रखा है और न ही हितधारकों के साथ किसी भी तरह की कोई चर्चा शुरू की है। इसलिए कांग्रेस पार्टी ने फैसला लिया है कि वह तब तक कुछ नहीं कहेगी जब तक ड्राफ्ट सामने नहीं आता। हमें हिंदू कोड बिल लाने के लिए भी आजादी के बाद 9 साल लगे और इसलिए लोगों को समझाने में समय लगता है।
UCC आने के बाद क्या बदल जाएगा?
समान नागरिक संहिता में सभी धर्मों के लिए एक कानून की व्यवस्था होगी। हर धर्म का पर्सनल लॉ है, जिसमें शादी, तलाक और संपत्तियों के लिए अपने-अपने कानून हैं। UCC के लागू होने से सभी धर्मों में रहने वालों लोगों के मामले सिविल नियमों से ही निपटाए जाएंगे। UCC का अर्थ शादी, तलाक, गोद लेने, उत्तराधिकार और संपत्ति का अधिकार से जुड़े कानूनों को व्यवस्थित करना होगा।
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