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E20 पेट्रोल पर सरकार के दो मंत्री, दो दावे; माइलेज घटने को लेकर अलग-अलग आंकड़े

E20 Petrol: सोशल मीडिया पर E20 पेट्रोल से माइलेज में भारी गिरावट के दावों के बीच केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि पुराने E10-डिजाइन वाहनों में E20 के इस्तेमाल से केवल 2–6% तक माइलेज कम हो सकता है। सरकार के अनुसार, इंजन खराब होने के दावों का कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला है।
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भारत

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Ashib Khan

Jul 31, 2026

Ministry of Road Transport E20

E20 पेट्रोल पर सरकार के दो मंत्रियों के अलग-अलग दावे (Photo-DD News)

E20 Petrol Mileage Reduction: सोशल मीडिया पर E20 पेट्रोल को लेकर माइलेज में भारी गिरावट के दावे किए जा रहे है। इसको लेकर सोशल मीडिया पर कई वीडियो भी वायरल हो रहे है। वहीं अब इन पर केंद्र सरकार की ओर से प्रतिक्रिया सामने आई है। सरकार ने इन दावों को खारिज कर दिया है। हालांकि केंद्र सरकार ने यह भी स्वीकार किया कि E10 पेट्रोल के लिए डिजाइन किए गए पुराने वाहनों में E20 ईंधन के इस्तेमाल से माइलेज में कुछ कमी आ सकती है।

संसद में मंत्रालय ने क्या कहा? 

संसद में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय E20 से माइलेज कम होने के आरोपों पर जवाब दिया। मंत्रालय ने कहा कि ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया, सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के संयुक्त अध्ययन के अनुसार, BS-III, BS-IV और BS-VI श्रेणी के वे वाहन जो E10 पेट्रोल के लिए डिजाइन किए गए हैं, उनमें E20 पेट्रोल के उपयोग से माइलेज में 2% से 6% तक की कमी आ सकती है। यह कमी वाहन की श्रेणी और उसकी उम्र पर निर्भर करेगी।

20 जुलाई को पेट्रोलियम मंत्रालय ने क्या कहा था?

हालांकि इससे पहले 20 जुलाई को राज्य सभा में पेट्रोलियम मंत्रालय ने E20 पेट्रोल से माइलेज कम होने के आरोपों पर जवाब दिया। मंत्रालय ने बताया कि E10 के लिए बने कुछ पुराने वाहनों में E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से माइलेज में कमी होती है और यह आमतौर पर 3 प्रतिशत से लेकर 5 प्रतिशत तक सीमित रहती है।

बता दें कि पेट्रोलियम मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि E20 पेट्रोल का ऑक्टेन रेटिंग अधिक होता है, इसमें बेहतर एंटी-नॉक क्षमता होती है, जिससे इंजन में अधिक स्वच्छ दहन और स्मूद ऑपरेशन मिलता है।

दोनों मंत्रालयों ने यह भी कहा कि किसी भी वाहन का वास्तविक माइलेज केवल ईंधन पर निर्भर नहीं करता, बल्कि ड्राइविंग की स्थिति, चालक की आदतों और वाहन के रखरखाव जैसे कई अन्य कारकों से भी प्रभावित होता है।

मंत्रालय ने और क्या कहा? 

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने संसद में कहा कि E15 से ज्यादा एथेनॉल वाला पेट्रोल करीब साढे़ तीन साल से और E19-E20 पेट्रोल करीब ढाई साल से देश में इस्तेमाल हो रहा है। 

उन्होंने कहा कि इस दौरान एथेनॉल की वजह से इंजन खराब या बड़े पैमाने पर गाड़ियां खराब होने का पुख्ता सबूत अभी तक सामने नहीं आया है। मंत्रालय ने कहा कि यदि ऐसा होता तो बड़ी संख्या में वारंटी क्लेम, सर्विस कैंपेन और शिकायतें भी देखने को मिलती। 

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