
नई दिल्ली: नई दिल्ली: उप राज्यपाल आवास पर आम आदमी पार्टी के धरने का आज आठवां दिन है। केजरीवाल के इस धरने में नया मोड़ आने लगा है। एनडीए के घटक दल भी केजरीवाल के समर्थन में उतर आए हैं। शिवसेना और जनता दल यूनाइटेड ने केजरीवाल को खुलकर समर्थन किया है। शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने केजरीवाल से फोन पर बातचीत की है और उनके साथ होने का भरोसा दिलाया है। शिवसेना की ओर से बयान जारी किया गया कि केजरीवाल के साथ जो हो रहा है वह सही नहीं है। दिल्ली में चुनी हुई सरकार है। वहीं जनता दल यू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने कहा कि आज जो दिल्ली में हो रहा है वैसा ही अगर किसी दूसरे राज्यों के साथ किया जाए तो कैसा होगा। दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा मिलना चाहिए।
नीति आयोग की बैठक में उठा मुद्दा
इससे पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के धरने के मुद्दे पर चार राज्यों के मुख्यमंत्री समर्थन के लिए आगे आए। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन और कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने केजरीवाल का समर्थन किया है। रविवार को नीति आयोग की बैठक में भी इन चार राज्य के मुख्यमंत्रियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली सरकार के मुद्दे पर अलग से मुलाकात की। चारों मुख्यमंत्रियों ने पीएम मोदी से दिल्ली सरकार के मसले को सुलझाने की अपील की।
केरजीवाल के घर चारों मुख्यमंत्रियों ने की मुलाकात
गौरतलब है कि शनिवार की शाम पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी समेत चार राज्यों के मुख्यमंत्री केजरीवाल से मिलने के लिए एलजी अनिल बैजल से लिखित में समय मांगा था। लेकिन उपराज्यपाल ने मिलने से मना कर दिया। जिसके बाद चारों मुख्यमंत्रियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मोदी सरकार पर हमला बोला था।