
शरद पवार और देवेंद्र फडणवीस (Photo: IANS/File)
Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर आधी रात को हुई एक सीक्रेट मीटिंग के चलते हलचल बढ़ गई है। मंगलवार देर रात उस समय सियासी अटकलें तेज हो गई, जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के वरिष्ठ नेता और विधायक जयंत पाटिल, एनसीपी (अजित पवार गुट) के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे और वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से उनके सरकारी आवास 'वर्षा' पर मिलने पहुंचे। तीनों नेताओं की मौजूदगी से राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलें शुरू हो गईं। हालांकि अब शरद पवार गुट के नेता जयंत पाटिल ने खुद सामने आकर इस पर सफाई दी है। उन्होंने राजनीतिक कयासों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी तटकरे या पटेल के साथ कोई बैठक नहीं हुई थी।
एनसीपी (एसपी) के पूर्व महाराष्ट्र अध्यक्ष जयंत पाटिल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उनकी सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल के साथ कोई साझा बैठक नहीं हुई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे केवल इस्लामपुर नगर परिषद के नगराध्यक्ष को अयोग्य ठहराए जाने के मामले में मुख्यमंत्री फडणवीस से मिलने गए थे। उन्होंने कहा कि इस मुलाकात का तटकरे और पटेल से कोई संबंध नहीं है।
जयंत पाटिल के मुताबिक, वह रात करीब 10:30 बजे 'वर्षा' बंगले पहुंचे और लगभग 10:45 बजे मुख्यमंत्री से मुलाकात कर बाहर निकल गए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के साथ उनकी करीब 5 मिनट तक चर्चा हुई। पाटिल ने कहा, "मुझे इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि उस समय सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल भी वहां मौजूद थे।"
रिपोर्ट्स के अनुसार, वर्षा बंगले पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और तीनों नेताओं के बीच करीब सवा घंटे तक चर्चा हुई। यह भी दावा किया जा रहा है कि मुख्यमंत्री से मुलाकात से पहले जयंत पाटिल, सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल की अलग से बैठक हुई थी। हालांकि जयंत पाटिल ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी मुख्यमंत्री से मुलाकात महज इस्लामपुर नगर परिषद से जुड़े मामले के लिए थी।
बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री आवास पर सबसे पहले सुनील तटकरे और प्रफुल्ल पटेल पहुंचे थे, उसके कुछ समय बाद जयंत पाटिल भी वहां पहुंच गए। हालांकि, आधी रात को हुई इस बैठक में किस मुद्दे पर बात हुई, इसकी अब तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
लेकिन मुख्यमंत्री आवास पर हुई इस हाई-प्रोफाइल बैठक ने महाराष्ट्र की राजनीति में अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है। इस मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं इसलिए भी जोरों पर हैं, क्योंकि पिछले कुछ समय से शरद पवार गुट के भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए (NDA) गठबंधन में शामिल होने की कयासबाजी पहले से ही लगाई जा रही है। इस बीच अचानक हुई इस मुलाकात ने इन चर्चाओं को और हवा दे दी है।
Updated on:
15 Jul 2026 08:59 am
Published on:
15 Jul 2026 08:46 am
