महाराष्ट्र में तीखे तेवर दिखाने के बाद बीजेपी के साथ शिवसेना नागरिक संशोधन बिल को लेकर दिया समर्थन कश्मीरी पंड़ितों को लेकर गृहमंत्री से पूछा सवाल
नई दिल्ली। महाराष्ट्र में लंबे संघर्ष और बीजेपी से मनमुटाव के बाद शिवसेना ने आखिरकार बीजेपी से अलग होने का मन बनाया और इसके बाद अपनी सरकार भी बनाई। लेकिन सरकार बनाने के कुछ दिन बाद ही एक बार फिर शिवसेना बीजेपी के कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी नजर आई।
दरअसल शिवसेना की इस नरमी की वजह खास थी। नागरीकता संशोधन बिल को लेकर शिवसेना ने बीजेपी को समर्थन दिया है। हालांकि कुछ बातों में अपनी नीति भी स्पष्ट कर दी है।
शिवसेना नेता संजय राउत ने गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा है। राउत ने कहा कि घुसपैठियों को देश से बाहर किया जाना चाहिए। इसमें हम आपको साथ हैं।
लेकिन शिवसेना नेता ने अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर कहा है कि, 'गैरकानूनी घुसपैठियों को देश से बाहर फेंका जाना चाहिए। प्रवासी हिंदुओं को नागरिकता भी दी जानी चाहिए।'
कश्मीर पंड़ितों पर उठाया सवाल
उन्होंने आगे कहा कि 'अमित शाह जी, वोट बैंक बनाने के आरोपों को विराम दें और उन्हें 25 वर्षों तक मताधिकार न दें। इस पर आप क्या कहते हैं? और हां, कश्मीरी पंडितों का क्या हुआ? क्या वह आर्टिकल 370 हटने के बाद वापस कश्मीर लौट गए।'