भाजपा लगातार केजरीवाल सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर वैट कम करने की मांग कर रही है।
नई दिल्ली। दिल्ली में पेट्रोल-डीजल के दाम कम कराने को लेकर केजरीवाल सरकार के खिलाफ भाजपा का धरना-प्रदर्शन जारी है। दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी की सरकार ने केंद्र सरकार की पेट्रोल-डीजल पर वैट की दरें कम करने की अपील को मानने से इनकार कर दिया है। दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली सरकार पहले से घाटे में है। उन्होंने केंद्र सरकार से पूछा है कि जो 10 रुपए केंद्र ने पेट्रोल-डीजल पर बढ़ाया था उसको सस्ता करने में क्या दिक्कत है?
केंद्र के कहने पर माना था जीएसटी
डिप्टी सीएम सिसोदिया ने कहा कि राज्य सरकारों ने जीएसटी में अपने सारे अधिकार यह मानकर सरेंडर किए थे कि केंद्र सरकार राज्यों के हितों का ध्यान रखेगी। अब केंद्र सरकार कह रही है कि जो 10 रुपए हमने बढ़ाया था वह तो हमारा है यानी केंद्र सरकार का है और हम ढ़ाई रुपए सस्ता करेंगे। राज्य अपने पास से ढाई रुपए सस्ता कर दे। सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली सरकार पहले से ही घाटे में है। इसलिए वैट को कम करना केजरीवाल सरकार के लिए संभव नहीं है। मोदी सरकार को चाहिए कि वो पेट्रोल-डीजल के दामों में 10 रुपए की कटौती करे।
भाजपा का प्रदर्शन
भाजपा के पूर्वांचली मोर्चा से जुड़े कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को दिल्ली सरकार से पेट्रोल और डीजल पर वैट घटाने की मांग को लेकर आम आदमी पार्टी दफ्तर के सामने प्रदर्शन किया था। इससे पहले केजरीवाल सरकार से पेट्रोल-डीजल पर वैट कम कराने को लेकर केंद्रीय मंत्री विजय गोयल बैलगाड़ी और मंगलवार को साईकिल पर सवार होकर दिल्ली सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। भाजपा ने मांग की मांग है कि दिल्ली सरकार भी अन्य राज्य सरकारों की तरह पेट्रोल और डीजल के दामों में ढ़ाई रुपए की कटौती करे।
जेटली ने की थी वैट घटाने की अपील
आपको बता दें कि केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने चार अक्टूबर को पेट्रोल-डीजल की कीमत ढ़ाई रुपए कम करने के साथ ही राज्य सरकारों से ढाई रुपए तक वैट घटाने की अपील की थी। इसके बाद कई भाजपा शासित राज्यों ने पेट्रोल-डीजल के दाम ढाई रुपए कम कर दिए थे। लेकिन दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा था मोदी सरकार ने एक्साइज ड्यूटी 10 रुपए प्रति लीटर बढ़ाया और मात्र ढ़ाई रुपए कम किया? ये तो लोगों के साथ धोखा है। केंद्र सरकार को कम से कम 10 रुपए प्रति लीटर की कमी करनी चाहिए।