कर्नाटक के महानाटक को लेकर पूरे देश में चर्चाएं चल रही हैं। राज्य विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही जोड़तोड़ का खेल शुरू हो गया था।
नई दिल्ली। कर्नाटक के महानाटक को लेकर पूरे देश में चर्चाएं चल रही हैं। राज्य विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही जोड़तोड़ का खेल शुरू हो गया था। सोशल मीडिया पर आम से लेकर खास तक इस चुनाव पर चर्चा कर रहा है। सभी सियासत में नैतिकता, संभावनाओं और अतीत से लेकर वर्तमान तक की चर्चाओं में व्यस्त हैं। लोगों ने कई रोचक सुझाव भी दिए हैं। बहरहाल, ढाई दिन के लिए मुख्यमंत्री बने बीएस येदियुरप्पा अब इस्तीफा दे चुके हैं और अब कांग्रेस-जेडीएस मिलकर सरकार बनाने जा रहे हैं।
अमित शाह की रणनीति पर अटूट भरोसा
अमित शाह की चुनाव नीति पर लोगों को अटूट भरोसा है। जब राज्यपाल वजूभाई वाला ने बहुमत परीक्षण के लिए भारतीय जनता पार्टी को 15 दिन का समय दिया तो लोगों ने कहा कि इतने में तो अमित शाह किम जोंग उनका भी समर्थन ले आएंगे।
आईपीएल जैसी होनी चाहिए सियासत
अंग्रेजी के मशहूर उपन्यासकार चेतन भगत ने लिखा है, 'मेरा मानना है विश्वास मत के प्रसारण के दौरान आईपीएल की तरह कमेंट्री और आंकड़े भी होने चाहिए। इसके साथ ही हर विधायक का वफादारी प्रतिशत, जीत प्रतिशत, दलबदल की संभावना का प्रतिशत, पिछले सत्र का व्यवहार आदि की भी व्यवस्था होनी चाहिए।'
100 करोड़ी दावों के बीच लोगों को याद आए अपने 15 लाख
फ्लोर टेस्ट से बचते येदियुरप्पा कुर्सी से नहीं उतर रहे
अमित शाह पर यूं ली चुटकी
लोगों ने जीत के बाद भी राहुल गांधी को नहीं छोड़ा
एक ट्विटर यूजर ने कांग्रेस समर्थकों से अपने काम पर लौटने को कहा और राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि नतीजोें से लेकर शनिवार की शाम 4 बजे तक राहुल गांधी का कोई अता-पता नहीं था, लेकिन अब वे प्रेस कॉन्फ्रेंस में जीत क्रेडिट लेंगे।
नतीजों के बाद से नजर नहीं आए राहुल भी निशाने पर