कांग्रेस ( Congress ) के वरिष्ठ नेता व कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एम वीरप्पा मोइली ( M. Veerappa Moily ) ने रखी अपनी बात। राजस्थान के घटनाक्रम ( Rajasthan govt ) को लेकर सचिन पायलट ( Sachin Pilot ) के कदम को बताया आत्मघाती। मध्य प्रदेश ( Madhya Pradesh Govt.. ) में ज्योतिरादित्य सिंधिया ( Jyotiraditya Scindia ) के कदम पर कहा विचार करना चाहिए था।
नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के बाद राजस्थान में कांग्रेस सरकार ( Congress ) के सामने आई मुश्कलों को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एम वीरप्पा मोइली ( M. Veerappa Moily ) ने बुधवार को अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने सचिन पायलट ( Sachin Pilot ) और ज्योतिरादित्य सिंधिया ( Jyotiraditya Scindia ) दोनों को बहुत कुछ दिया है। दोनों को बागी होने के बजाय इंतजार करना चाहिए था। मोइली ने आगे कहा कि सिंधिया और पायलट ने आत्मघाती कदम उठाया है। भाजपा ( Bhartiya Janata Party ) में उन्हें कभी मुख्यमंत्री नहीं बनाया जाएगा।
मीडियो से बातचीत में मोइली ने कहा कि यह सोचने का वक्त नहीं है कि कौन सही है या कौन गलत है। लेकिन सवाल कांग्रेस पार्टी की अखंडता का है। इसे बनाए रखना है। सचिन पायलट को सब कुछ मिला। वह एक सांसद, एक केंद्रीय मंत्री थे। उन्हें पीसीसी प्रमुख और उपमुख्यमंत्री भी बनाया जा चुका है।
गौरतलब है कि राजस्थान ( Rajasthan govt ) में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खिलाफ बागी तेवर अपनाने के बाद सचिन पायलट के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। सचिन को उपमुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से बर्खास्त कर दिया गया है। मोइली पूर्व ने आगे कहा कि पार्टी आकांक्षाओं को समझती है, लेकिन इसके लिए पार्टी के ढांचे में काम करना सीखना होगा।
उन्होंने आगे कहा कि आप पार्टी की कीमत पर उठने की महत्वाकांक्षा नहीं रख सकते हैं। पायलट को धैर्य के साथ और इंतजार करना चाहिए था। बेशक सचिन पार्टी के लिए काम कर रहे थे। कोई भी इससे इनकार नहीं करता है। कड़ी मेहनत करने का मतलब यह नहीं है कि किसी को नियम तोड़ देने चाहिए। पायलट को कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक में भाग लेना चाहिए था। एक पीसीसी अध्यक्ष होने के नाते उन्हें जिम्मेदारी से काम करना चाहिए था।
इतना ही नहीं मध्य प्रदेश ( Madhya Pradesh Govt ) के घटनाक्रम पर मोइली ने कहा कि चाहे वह सिंधिया हो या पायलट, उन्हें अपने मौके का इंतजार करना चाहिए। भाजपा में वे कभी मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे। यह पायलट और सिंधिया दोनों के लिए आत्मघाती कदम है। कांग्रेस पार्टी के दरवाजे अभी भी पायलट के लिए खुले हुए हैं। हालांकि उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि पायलट के खिलाफ किसी भी अन्य कार्रवाई का सवाल उनके आगे के फैसलों पर ही निर्भर करता है।