पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस का जलवा बरकरार है। ममता बनर्जी की पार्टी ना सिर्फ विधानसभा चुनाव बल्कि निकाय चुनाव में शानदार प्रदर्शन कर रही है। निकाय चुनाव में टीएमसी ने अपना परचम लहरा दिया है। चुनाव में बीजेपी समेत अन्य पार्टियों को करारी शिकस्त भी दी है।
पश्चिम बंगाल में 108 नगरपालिका (West Bengal Municipal Election) में हुए चुनाव में एक बार फिर सत्ता रूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस का परचम लहराया है। मतगणना में सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है। 108 नगरपालिका में हुए मतदान में 93 पर टीएमसी (TMC) ने कब्जा जमाने में सफलता हासिल की है। वहीं एक पर त्रिशंकु बोर्ड का गठन होगा और ताहेरपुर नगरपालिका पर लेफ्ट ने जीत हासिल की है। इस चुनाव में अब तक आए नतीजों के हिसाब से भारतीय जनता पार्टी समेत दूसरी पार्टियों की करारी हार हुई है। इस चुनाव में सबसे बड़ा झटका अधिकारी परिवार को लगा है। बीते 30 वर्षों में पहली बार हुआ है कि अधिकारी का गढ़ माने जाने वाले कांथी में उनके बिना निगम बनेगी।
बीजेपी और कांग्रेस का सुपड़ा साफ
निकाय चुनाव में जहां टीएमसी ने शानदार प्रदर्शन किया। वहीं बीजेपी के लिए पश्चिम बंगाल से एक बार फिर निराशाजनक खबर सामने आई है। भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव में एक भी नगरपालिका पर जीत हासिल नहीं की। बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी के गढ़ कांथी नगरपालिका, बीजेपी सांसद अर्जुन सिंह के गढ़ भाटपाड़ा में खाता ही नहीं खुला।
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यही हाल कमोबेश कांग्रेस का भी रहा। कांग्रेस के हाथ अभी तक एक भी नगरपालिका नहीं लगी है। इस चुनाव में कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी के गढ़ बहरमपुर पर भी टीएमसी ने कब्जा कर लिया है।
इस चुनाव में बीजेपी की तुलना में लेफ्ट के ज्यादा वोट मिले हैं. वहीं, निर्दल उम्मीदवारों का प्रदर्शन विरोधी पार्टी के उम्मीदवारों से अच्छा रहा है।
बता दें कि रविवार को 108 नगर पालिकाओं में मतदान करवाया गया था। इसकी गणना बुधवार सुबह 8 बजे से शुरू हुई थी। कड़ी सुरक्षा के बीच काउंटिंग शुरू हुई। वहीं काउंटिंग सेंटर के 200 मीटर दायरे में धारा 144 लगाई गई है। बता दें कि पश्चिम बंगाल के निकाय चुनावी दंगल में कुल 2171 वार्डों में 8160 उम्मीदवार मैदान में उतरे थे।
अधिकारी परिवार को ममता ने दिया झटका
पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास में बीते 30 वर्षों में ऐसा पहली बार हुआ है जब अधिकारी परिवार को बड़ा झटका लगा हो। दरअसल विधानसभा चुनाव के दौरान टीएमसी छोड़ बीजेपी मे गए सुवेंदु अधिकारी के परिवार को निकाय चुनाव में करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है।
टीएमसी ने सुवेंदु के गढ़ माने जाने वाले कांथी नगर पालिका के 21 में से 18 वार्डों में जीत हासिल की है। भाजपा ने दो वार्डों में जीत हासिल की है और एक वार्ड में एक निर्दलीय आगे है। 30 वर्षों में यह पहली बार है जब कांथी नगर पालिका अधिकारी परिवार के बिना होगी।
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