मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीते दिन दुर्गा पंडालों के लिए 28 करोड़ रुपए अनुदान दी घोषणा की थी जिसके बाद अब ममता बनर्जी को मुस्लिम समुदायों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है।
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में एक बार भार से हिन्दू-मुसलमान की राजनीति शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बीते दिन दुर्गा पंडालों के लिए 28 करोड़ रुपए अनुदान दी घोषणा की थी जिसके बाद अब ममता बनर्जी को मुस्लिम समुदायों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। बुधवार को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में मुस्लिम समुदाय के लोग सीएम ममता बनर्जी पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए सड़कों पर उतरे। बता दें कि ऑल इंडिया यूथ माइनॉरिटी फोरम के मोहम्मद कम्रुज्ज़मान ने कहा कि ममता बनर्जी तुष्टीकरण की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि दुर्गा पंडालों को 28 करोड़ रुपए का अनुदान दिया गया है, उसी तरह से इमाम और मुअज्जिनों के स्टायपेंड को भी बढ़ाया जाए।
भाजपा के राह पर चल रही है ममता सरकार
आपको बता दें कि मोहम्मद कम्रुज्ज़मान ने आरोप लगाते हुए कहा कि ममता बनर्जी की अब धीरे-धीरे भाजपा की राह पर चल पड़ी है। पैसों को लेकर राजनीति कर रही है। क्योंकि दुर्गा पंडालों के लिए हिन्दू समुदायों को 28 करोड़ रुपए दिए लेकिन इमाम और मुअज्जिनों के स्टायपेंड को नहीं बढ़ा रही है। उन्होंने मांग की है कि इमाम और मुअज्जिनों के स्टायपेंड को बढ़ाकर पांच हजार रुपए किए जाएं। बता दें कि ममता सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले 'ऑल इंडिया यूथ माइनॉरिटी फोरम' तृणमूल कांग्रेस के करीबी संगठन माना जाता हैं।
ममता बनर्जी ने की थी यह घोषणा
आपको बता दें कि बीते दिनों ममता बनर्जी ने बीते दिनों दुर्गा पूजा पर बन रहे पंडालों के लिए 28 करोड़ रुपए देने की घोषणा की थी। जिसके बाद हिन्दू संगठनों में खुशी की तहर दौड़ गई थी। आगे ममता बनर्जी ने कहा था कि उनकी सरकार सामुदायिक विकास कार्यक्रम के तहत प्रत्येक समितियों को 10,000 रुपये का अनुदान देगी। हालांकि विशेषज्ञों का कहना था कि ममता बनर्जी आगामी चुनाव में हिन्दू वोट बैंक को अपनी और खीचने के लिए यह घोषणा की है। बंगाल में भाजपा के बढ़ते प्रभाव को कम करने के लिए ममता बनर्जी ने यह कदम उठाया है। लेकिन अब मुस्लिम समुदायों की ओर से ममता सरकार का विरोध कहीं उल्टा न पड़ जाए।