राजस्थान का सबसे ऊंचाई वाला बांध जिले के किसानों की संजीवनी 31 मीटर भराव क्षमता वाला जाखम बांध सोमवार को छलक गया।
धरियावद (प्रतापगढ़)। राजस्थान का सबसे ऊंचाई वाला बांध जिले के किसानों की संजीवनी 31 मीटर भराव क्षमता वाला जाखम बांध सोमवार को छलक गया। बांध छलकने के साथ ही जाखम जल संसाधन परियोजना खंड धरियावद के अधिशासी अधिकारी चंद्र प्रकाश मेघवाल के साथ विभाग के नीरज मीणा, कविता, निखिल मय टीम मौके पर पहुंचे और बांध की पूजा की। इससे पहले बांध संग्रहण क्षेत्र में रविवार रात और सोमवार तड़के से जारी बरसात के चलते बांध में लगातार आवक के बाद सोमवार सुबह बांध 31 मीटर की भराव सीमा पार कर ओवरफ्लो हो गया। बांध पर चादर चलने से धरियावद और आसपास के क्षेत्रों में किसानों और आमजन में उत्साह है। जाखम परियोजना पीने के पानी और रबी सीजन सिंचाई दोनों के लिए अहम मानी जाती है।
31 मीटर भराव क्षमता वाला जाखम बांध का नैसर्गिंक सौंदर्य देखते ही बनता है, प्रतापगढ़-उदयपुर-चितौड़गढ़ तीन जिलों की सीमा एवं सीतामाता वन्यजीव अभयारण्य की गोद में बना जाखम बांध अपनी अनुपम प्राकृतिक छटा के लिए भी जाना जाता है।
जाखम जल संसाधन परियोजना खंड धरियावद के अनुसार 1986 से 2025 के बीच जाखम बांध 24 बार ओवरफ्लो हुआ है। अमूमन अगस्त या सितम्बर माह के बीच छलकने वाला बांध 2021 में पहली बार नवंबर महीने में छलका था, जो अब तक सबसे देरी से छलकने का समय था। 2024 में भी बांध ओवरफ्लो होकर उस पर चादर चली। 2025 में फिर ओवरफ्लो हुआ।
जाखम बांध धरियावद क्षेत्र के किसानों के लिए संजीवनी है। क्योंकि कृषि क्षेत्र होने से यहां रबी फसल को सिंचाई का पानी इसकी दाई और बाई मुख्य नहर के जरिए मिलता है। धरियावद उपखंड में करीब 28 हजार हेक्टेयर में सिंचाई होती है। धरियावद के 118 गांव लाभान्वित होते हैं।
इधर, जाखम बांध के ओवरफ्लो होने के साथ ही जाखम जल संसाधन परियोजना खंड धरियावद अधिशासी अधिकारी चंद्र प्रकाश मेघवाल ने आमजन से बहाव क्षेत्र से दूर रहने और ऐसे स्थानों पर किसी प्रकार की गतिविधि नहीं करने की अपील की। विभाग ने एक विशेष टीम गठित की, जो बांध की सूचना के साथ-साथ 24 घंटे अलर्ट मोड़ पर रहकर बहाव क्षेत्र में गश्त करेगी।