
गुमशुदा महिला 10 साल बाद परिजनों से मिलेगी, फोटो पत्रिका
मानसिक रूप से बीमार होने के कारण घर से निकल गई महिला करीब 10 साल बाद अब अपने परिवार से मिल सकेगी। प्रतापगढ़ पुलिस की सक्रियता और पहचान के प्रयासों से महिला के परिजनों तक सूचना पहुंची, जिसके बाद अब परिवार में भावुक माहौल बन गया। प्रतापगढ़ जिले की अरनोद थाना पुलिस महिला को कोटा के अपना घर आश्रम से लाने के लिए जल्द रवाना होगी।
अरनोद थाना प्रभारी शिवलाल मीणा ने बताया कि मौवानी पत्नी बापूलाल निनामा निवासी जाजली थाना अरनोद करीब 10 वर्ष पहले मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण घर से निकल गई थी। परिजनों ने उसे बहुत तलाशा और पुलिस थाने में गुमशुदगी भी दर्ज कराई और पुलिस ने तलाश करने के हरसंभव प्रयास भी किए लेकिन सफलता नहीं मिली। जबकि वर्ष 2017 से वह अपना घर आश्रम कोटा में रह रही थी।
कुछ समय पहले महिला की मानसिक स्थिति में सुधार होने पर उसने अपने पीहर का नाम ठेंसला क्षेत्र का बताया। इसके बाद अपना घर आश्रम की ओर से एसआइ सोहनलाल मीणा को महिला के संबंध में फोन कर सूचना दी गई कि एक महिला आपके क्षेत्र में रहने की बात कह रही है। सूचना पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर महिला के परिजनों के बारे में जानकारी जुटाई।
इस पर पुलिस अधिकारी ने महिला से बातचीत कर अलग-अलग समूहों में उसकी तस्वीरें साझा कीं। ग्राम रक्षक गणेश निवासी घंटाली ने महिला की पहचान की और परिजनों को पुलिस के पास लेकर पहुंचे। इसके बाद महिला के बेटे, भाई और पति से वीडियो कॉल पर बातचीत करवाई गई। लंबे समय बाद महिला से बातचीत होने पर परिजनों की आंखें नम हो गईं।
पुलिस के अनुसार दो दिन बाद आश्रम से महिला मौवानी को उसके गांव भेजा जाएगा, जहां वह अपने परिजनों से मिल सकेगी।
राजस्थान में 2024 के दौरान हर रोज औसतन 20 बच्चे अपने घरों से गायब हो गए। साल भर में कुल 7,198 बच्चे लापता हुए और इनमें से 84 प्रतिशत से अधिक लड़कियां थी। यह आंकड़ा राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की 2024 की रिपोर्ट से सामने आया है।
Updated on:
28 May 2026 12:35 pm
Published on:
28 May 2026 12:35 pm
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